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Chhattisgarh Ration Card Controversy: जीवित महिला को मृत बताकर निरस्त किया राशन कार्ड, पूर्व खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर ने उठाई जांच की मांग

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कवर्धा: छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों के निरस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं. एक जीवित महिला को मृत दिखाकर उनका राशन कार्ड निरस्त किए जाने के मामले पर पूर्व खाद्य मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दस्तावेजी और वीडियो साक्ष्यों के साथ रायपुर के सुभाष नगर निवासी साकरा बानो का यह चौंकाने वाला मामला सार्वजनिक किया.

📋 सरकारी रिकॉर्ड में मृत बताकर छीना अधिकार, दो साल में 1.17 लाख से अधिक कार्ड निरस्त होने का दावा

पूर्व मंत्री अकबर ने आरोप लगाया कि पूरी तरह जीवित होने के बावजूद रायपुर की इस महिला को सरकारी दस्तावेजों में मृत दर्ज कर उनका अंत्योदय राशन कार्ड अचानक रद्द कर दिया गया, जिसके चलते वह खाद्यान्न जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हो गई हैं. उन्होंने कहा कि किसी जीवित व्यक्ति को कागजों में मृत बताना केवल मामूली रिकॉर्ड की त्रुटि नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर एक गरीब परिवार के खाद्य सुरक्षा के अधिकार पर बड़ा कुठाराघात है. विभागीय आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 83.33 लाख राशन कार्ड हैं, जिनमें 2 करोड़ 74 लाख से अधिक सदस्य पंजीकृत हैं. लोकसभा में दिए गए उत्तर का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में 57,371 और वर्ष 2025 में 60,496 यानी दो वर्षों के भीतर कुल 1,17,867 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इतनी बड़ी संख्या में कार्ड काटने का मुख्य आधार क्या था और क्या हर मामले में जमीनी सत्यापन हुआ था?

🔍 पारदर्शी समीक्षा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग, साकरा बानो का कार्ड बहाल करने पर जोर

इस पूरे प्रकरण को लेकर पूर्व मंत्री ने खाद्य मंत्री से पुरजोर मांग की है कि राज्य में अब तक जितने भी राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं, उन सबकी एक पारदर्शी समीक्षा कराई जाए और पात्र परिवारों को उनका हक दिलाया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रशासनिक या रिकॉर्ड की त्रुटियों के कारण किसी भी जरूरतमंद परिवार का हक न छीना जाए. उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए और साकरा बानो का राशन कार्ड तुरंत बहाल किया जाए.

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