Narnaul Fake Degree Case: फर्जी डिप्लोमा के दम पर ले रहा था प्रमोशन, भाजपा नेता की बेटी पिंकी यादव का जेई पद रद्द
नारनौल: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष दयाराम यादव की बेटी पिंकी यादव पर फर्जी दस्तावेज के दम पर प्रमोशन पाने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। हिमाचल प्रदेश की अरनी यूनिवर्सिटी से लिया गया उनका सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा जांच के दौरान पूरी तरह फर्जी पाया गया है। इसी फर्जी सर्टिफिकेट और डिप्लोमा के आधार पर पिंकी यादव ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में जूनियर इंजीनियर (J.ई.) के पद पर प्रमोशन हासिल किया था। फर्जी सर्टिफिकेट का मामला उजागर होने के बाद चीफ इंजीनियर देवेंद्र दहिया ने कड़े आदेश जारी कर पिंकी यादव का जे.ई. पद पर हुआ प्रमोशन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है और उन्हें वापस उनके मूल पद यानी क्लर्क के पद पर भेजा जा रहा है।
🔍 यूनिवर्सिटी की जांच में हुआ खुलासा, वेतन से होगी रिकवरी
विभाग ने इस मामले की सत्यता की जांच के लिए अरनी विश्वविद्यालय, इंदौरा (हिमाचल प्रदेश) को पत्र लिखकर पिंकी यादव के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का आधिकारिक सत्यापन मांगा था। 28 जुलाई को यूनिवर्सिटी की ओर से भेजे गए जवाब में स्पष्ट कर दिया गया कि उनके नाम से जारी किया गया डिप्लोमा पूरी तरह फर्जी है।
-
नोटिस का जवाब नहीं: यूनिवर्सिटी का पत्र मिलने के बाद चीफ इंजीनियर देवेंद्र दहिया ने 19 अगस्त को पिंकी यादव को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण माँगा था, लेकिन आरोप है कि पिंकी की तरफ से इस संबंध में कोई भी संतोषजनक जवाब दाखिल नहीं किया गया।
-
वेतन से होगी वसूली: पिंकी को 10 सितंबर 2025 को जे.ई. पद पर प्रमोशन मिला था। अब विभाग जूनियर इंजीनियर के पद पर रहते हुए उन्हें मिले अतिरिक्त वेतन और भत्तों (Allowance) का पूरा हिसाब तैयार कर रहा है। क्लर्क के मुकाबले जे.ई. पद पर जितना भी एक्स्ट्रा पैसा उन्हें मिला है, सरकार वह सारा पैसा पिंकी के वेतन से वसूल करेगी।
उधर, इस पूरे मामले पर पूर्व जिलाध्यक्ष दयाराम यादव का कहना है कि उनकी बेटी के सर्टिफिकेट पूरी तरह सही हैं और यह जल्दबाजी में लिया गया निर्णय है। उन्होंने कहा कि इस मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.