Hisar PLA Death Case: हिसार में युवक की संदिग्ध मौत, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फर्जी खबरों का पुलिस ने किया खंडन
हिसार के पॉश इलाके PLA में 3 दिन पहले एक कोठी के भीतर 35 वर्षीय युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक की पहचान PLA स्थित हाउस नंबर 664 निवासी राहुल जैन के रूप में हुई है। राहुल ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT रुड़की से अपनी पढ़ाई पूरी की थी और वह ऑनलाइन कोचिंग देने का काम करता था। परिजनों के अनुसार, वह परिवार का इकलौता बेटा था, शादीशुदा था और उसका एक 2 साल का बेटा भी है।
घटना की रात राहुल अपने कमरे में सोने गए थे और अगली सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने अंदर जाकर देखा कि वह बेसुध हालत में थे। सूत्रों के मुताबिक, उनके मुंह में सिलेंडर से जुड़ा पाइप लगा हुआ था, जिससे गैस अंदर जाने के कारण उनकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
🛑 “IITN बाबा की मौत” की खबर पूरी तरह झूठी, हिसार पुलिस की कड़ी चेतावनी
इस दर्दनाक घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा इसे महाकुंभ वाले चर्चित ‘IIT बाबा’ (अभय सिंह) की आत्महत्या बताकर भ्रामक और झूठी खबरें फैलाई जाने लगीं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए हिसार पुलिस के सोशल मीडिया इंचार्ज अमरिंदर सिंह ने आधिकारिक बयान जारी कर इसका जोरदार खंडन किया है।
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पुलिस ने स्पष्ट किया कि मृतक राहुल जैन स्थानीय हिसार के ही निवासी थे, और उनका महाकुंभ वाले चर्चित ‘IIT बाबा’ से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।
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हिसार पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के ऐसी झूठी और भ्रामक वीडियो या पोस्ट बिल्कुल भी वायरल न करें। पुलिस अधीक्षक हिसार के निर्देशानुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
🔍 पुलिस जांच में आत्महत्या के संकेत, नहीं मिला कोई दबाव का सबूत
हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धान्त जैन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक की गई पुलिस जांच में सामने आए साक्ष्य सीधे तौर पर आत्महत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।
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साक्ष्यों की जांच: पुलिस ने घटनास्थल से मिले हीलियम सिलेंडर की खरीद, मृतक की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और उनके द्वारा छोड़े गए दस्तावेजों की गहराई से जांच की है।
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दस्तावेजों में क्या है: पुलिस के मुताबिक, मृतक ने जो दस्तावेज छोड़े हैं, उसमें उन्होंने अपने इस कदम के लिए किसी भी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। अब तक ऐसा कोई भी प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि उन पर किसी प्रकार का कोई मानसिक दबाव था।
फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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