Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ujjain Murder Case: 10 साल के मासूम बेटे की गवाही से खुला पिता की हत्या का राज, मां समेत तीन को उम्र... Madhya Pradesh Action: आदिवासी छात्रों से अभद्रता करने वाले टीआई पर गिरी गाज, सीएम मोहन यादव के निर्... MP Industrial Development: महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार, 3 लाख युवाओं को मिले... Uttarakhand News: कार दुर्घटना में महिला समेत दो की दर्दनाक मौत, घायलों का अस्पताल में इलाज जारी Muralpura Police Station News: जयपुर में अनियंत्रित बस ने कई वाहनों को मारी टक्कर, मची अफरा-तफरी Supreme Court Action: महाराष्ट्र में मराठी भाषा नहीं जानने पर लाइसेंस रद्द करने का नियम! सुप्रीम कोर... BJP Booth Strategy Uttar Pradesh: ए, बी, सी और डी कैटेगरी में बंटेंगे बूथ, सरल ऐप से होगा फीडबैक और ... Allahabad High Court News: आजम खान और अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में फैसला सुरक्षित, सजा बढ... Health Minister Irfan Ansari: झारखंड के चार जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य मंत्री ने क... Jharkhand CM News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निभाई पारंपरिक रस्में, नेमरा गांव में माता की स्मृति म...

Damoh Dog Bite News: दमोह में पागल कुत्तों का आतंक, एक ही वार्ड में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को बनाया शिकार

5

दमोह। शहर के साथ-साथ पूरे जिले में आवारा और पागल कुत्ते आम नागरिकों के लिए गंभीर सिरदर्द बनते जा रहे हैं। दमोह शहर में लगातार सामने आ रहे डॉग बाइट (Dog Bite) के मामलों ने लोगों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि पिछले तीन दिनों के भीतर शहर के केवल एक ही वार्ड में पागल कुत्ते ने डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को अपना शिकार बना लिया है, जिसमें एक ही परिवार के दो से तीन सदस्य तक शामिल हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगरपालिका प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

🏫 बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना हुआ मुहाल, जिला अस्पताल में उमड़ रही है भारी भीड़

पीड़ितों ने बताया कि असाटी वार्ड और पुराना थाना क्षेत्र में आवारा कुत्ते झुंड बनाकर घूम रहे हैं और रास्तों से गुजरने वाले बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों पर अचानक हमला कर रहे हैं। इस क्षेत्र में कई कोचिंग संस्थान भी हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक खासे चिंतित हैं। हालात यह हैं कि जिलेभर के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन के लिए लोग सीधे जिला अस्पताल दौड़ने को मजबूर हैं। प्रभारी नर्स सीमा गुप्ता के अनुसार, अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 और कई बार 100 तक डॉग बाइट के मरीज पहुंच रहे हैं, जिससे चिकित्सा व्यवस्था पर भी भारी दबाव बढ़ गया है।

💰 टेंडर और बजट के नाम पर सिर्फ टालमटोल, जनता की सुरक्षा पर भारी पड़ रही प्रशासनिक सुस्ती

हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर समस्या के बावजूद नगरपालिका के अधिकारी केवल कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके टीकाकरण के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया चलाई जा रही है, लेकिन धरातल पर कोई टीम सक्रिय नजर नहीं आ रही है। पिछले दो वर्षों में केवल एक बार औपचारिक अनुबंध होने की बात सामने आई है। शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से विशेष डॉग कैचर दल गठित कर इन खतरनाक कुत्तों को पकड़ा जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.