Cyber Crime News Today: बैंक खातों की जांच के नाम पर आरटीजीएस कराकर ऐंठे पैसे, 32 लाख रुपए पुलिस ने कराए फ्रीज
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में साइबर ठगों ने एक बार फिर खौफनाक तरीका अपनाते हुए सनसनी फैला दी है। यहां साइबर ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला शुभाधा अशोक कुलकर्णी को 14 दिनों तक तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और उनके बैंक खातों से कुल 3 करोड़ 80 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। ठगों ने वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी, पीछे तिरंगा और पुलिस का झंडा दिखाकर महिला का भरोसा जीता था। घटना की शिकायत मिलने के बाद जिन्सी पुलिस थाने की साइबर टीम ने कार्रवाई करते हुए फिलहाल 32 लाख रुपए फ्रीज करा दिए हैं और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
📞 आतंकी गतिविधियों में खाते के इस्तेमाल का झूठा आरोप: आरबीआई जांच के नाम पर दी गिरफ्तारी की धमकी
व्यंकटेश नगर में रहने वाली बुजुर्ग महिला शुभाधा कुलकर्णी घर में अकेली रहती हैं, क्योंकि उनका बेटा जामनगर में रिलायंस कंपनी में काम करता है और बेटी अमेरिका में निवास करती है। ठगों ने 18 सितंबर को उनके मोबाइल पर फोन कर खुद को नासिक अपराध शाखा का अधिकारी राजन भिसे बताया। उन्होंने दावा किया कि महिला के मोबाइल नंबर से जुड़े केनरा बैंक खाते का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसे भेजने में हो रहा है। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने फोन कर दो करोड़ रुपए जमा होने और कमीशन मिलने की बात कही। महिला को डराने के लिए आरबीआई से जांच कराने और सहयोग न करने पर उनके बेटे व खुद उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दी गई।
💸 14 दिनों तक अलग-अलग खातों से आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कराए पैसे: पुलिस ने 32 लाख किए फ्रीज
ठगों ने 18 सितंबर से 1 अक्टूबर तक लगातार सुबह, दोपहर और शाम महिला को फोन कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। डर के मारे महिला ने 23 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच देवगिरी नागरी सहकारी बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, औरंगाबाद जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक, एचडीएफसी बैंक और एसबीआई से कुल 3 करोड़ 80 हजार रुपए ठगों के बताए गए खातों में आरटीजीएस कर दिए। जब महिला को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने जिन्सी पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। इंस्पेक्टर गणेश ताठे और डीसीपी शशिकांत सत्व ने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर 32 लाख रुपए फ्रीज करवा दिए हैं और अन्य बैंक खातों की भी गहनता से जांच की जा रही है।
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