Jabalpur News: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत का मामला गहराया, PM रिपोर्ट में गंभीर चोटों का खुलासा; आश्रम पर उठे सवाल
मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े एवं संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी दीपक की मौत को करीब एक सप्ताह का समय बीत चुका है और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन जबलपुर लौट आए हैं। परिजनों का आरोप है कि अब तक संत प्रेमानंद महाराज या राधा केली कुंज आश्रम प्रबंधन की ओर से किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति ने उनसे संपर्क नहीं साधा है।
दीपक की मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए परिजनों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं और केंद्र सरकार व प्रशासन से पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
❓ संत प्रेमानंद महाराज और आश्रम से संपर्क न होने पर गहराया रोष: परिजनों का फूटा दर्द
घटना के सात दिन बाद भी आश्रम की ओर से कोई संवाद न होने पर उठ रहे सवाल:
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संपर्क न करने का आरोप: मृतक के परिजनों का कहना है कि जब दीपक समर्पित भाव से आश्रम से जुड़ा था और वहीं उसकी रहस्यमयी मौत हुई, तो उन्हें उम्मीद थी कि आश्रम प्रबंधन आगे आकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करेगा, परंतु ऐसा नहीं हुआ।
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आश्रम की चुप्पी: संत प्रेमानंद महाराज या राधा केली कुंज आश्रम की ओर से परिजनों के इन आरोपों और संपर्क न करने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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वृंदावन में 3 घंटे का इंतजार: मृतक के छोटे भाई मनीष लोधी ने बताया कि सूचना मिलने पर जब वे वृंदावन पहुंचे, तो उन्हें करीब तीन घंटे तक इंतजार कराया गया और शुरुआत में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
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सुरक्षाकर्मियों के जवाब से असंतोष: परिजनों ने आश्रम के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड्स से भी पूछताछ की, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था।
🏢 चौथी मंजिल से अकेले गिरने की थ्योरी पर संदेह: परिजनों ने घटना को बताया असामान्य
इमारत से गिरने की परिस्थितियों पर उठाए जा रहे सवाल:
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बिल्डिंग में अकेले होने पर संशय: परिजनों के अनुसार, जिस वक्त दीपक इमारत से नीचे गिरे, बताया जा रहा है कि बाकी सभी लोग नीचे आ चुके थे और वे कई मंजिला इमारत में अकेले थे।
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असामान्य परिस्थितियां: भाई मनीष का कहना है कि इतनी बड़ी इमारत में दीपक के आसपास किसी का मौजूद न होना कई गहरे संदेह पैदा करता है और यह सामान्य हादसा नहीं लगता।
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कमरे में मिला ग्राइंडर: घटनास्थल की जांच के दौरान दीपक के कमरे से एक ग्राइंडर मिलने की बात भी सामने आई है, जिसने परिजनों के मन में संदेह को और गहरा कर दिया है।
📑 पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई गंभीर चोटों का खुलासा: Haemorrhagic Shock से हुई मौत
शव परीक्षण रिपोर्ट से सामने आए मेडिकल साक्ष्य:
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सिर और खोपड़ी में फ्रैक्चर: पीएम रिपोर्ट के अनुसार, सिर के पिछले हिस्से में गहरा घाव और खोपड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर पाया गया है।
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पसलियां और फेफड़ा डैमेज: रिपोर्ट में पैर की हड्डी टूटने के साथ-साथ बाईं ओर की 5वीं से 8वीं पसली तक फ्रैक्चर और बायां फेफड़ा फटा हुआ मिलने की पुष्टि हुई है।
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चेहरे और अन्य अंगों पर घाव: होंठ और ठोड़ी पर गंभीर चोटों के निशान व टांके लगे घाव पाए गए हैं। इसके अलावा शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों में भी गहरी चोटें दर्ज हैं।
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अत्यधिक रक्तस्राव बना मौत का कारण: रिपोर्ट में मौत की असली वजह ‘हेमरेजिक शॉक’ (अत्यधिक आंतरिक व बाहरी रक्तस्राव) बताई गई है। फेफड़ों के पास खून के बड़े थक्के जमे मिले हैं।
⚖️ ‘दीपक आत्महत्या नहीं कर सकता’: परिजनों ने की निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार
परिवार की मांग और पुलिस जांच पर असंतोष:
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नाना प्रेमलाल पटेल का बयान: मृतक के नाना प्रेमलाल पटेल ने स्पष्ट कहा कि दीपक किसी तनाव या मानसिक परेशानी में नहीं था कि वह चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दे।
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पुलिस की धीमी जांच से निराशा: परिजनों का आरोप है कि घटना के कई दिन बीतने के बाद भी स्थानीय पुलिस की तफ्तीश से उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।
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सच्चाई के लिए CBI जांच की दरकार: भाई मनीष ने कहा कि उनका मकसद किसी पर बेबुनियाद आरोप लगाना नहीं, बल्कि दीपक की मौत का सच सामने लाना है, जो केवल फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और निष्पक्ष सीबीआई जांच से ही संभव है।
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