Haryana News: दूध संकट की आहट! पशुपालकों ने किया 3 दिन की हड़ताल का ऐलान, जानें वीटा और अमूल का प्लान
बढ़ती महंगाई और चारे के आसमान छूते दामों के कारण हरियाणा के पशुपालक आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। दूध का उचित दाम न मिलने और बाजार में नकली दूध के बढ़ते कारोबार से परेशान होकर पशुपालक संगठनों ने 1 से 3 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में दूध की आपूर्ति पूरी तरह ठप रखने का बड़ा ऐलान किया है।
सिरसा में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस तीन दिवसीय हड़ताल के दौरान न तो कोई स्थानीय पशुपालक दूध बेचेगा और न ही बाहर से किसी भी प्रकार की आपूर्ति स्वीकार की जाएगी।
🚫 पड़ोसी राज्यों से भी नहीं आएगा दूध: अमूल, वेरका और वीटा की गाड़ियों पर रहेगी रोक
दूध संगठनों की रणनीति और दायरा:
-
अंतरराज्यीय सीमा पर पहरा: पशुपालक संगठनों ने साफ किया है कि इस आंदोलन का दायरा केवल हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और राजस्थान से आने वाली दूध की सप्लाई भी पूरी तरह रोकी जाएगी।
-
डेयरी कंपनियों की एंट्री बंद: वीटा, वेरका, अमूल और अन्य निजी व सहकारी कंपनियों के दूध टैंकरों व गाड़ियों को गांवों और कस्बों में प्रवेश करने से रोकने की सख्त चेतावनी दी गई है।
-
सप्लाई चेन ब्लॉक करने की तैयारी: प्रमुख राजमार्गों और ग्रामीण लिंक मार्गों पर कमेटियां गठित की गई हैं, ताकि हड़ताल के दौरान किसी भी तरह की व्यावसायिक सप्लाई न हो सके।
⚠️ नियम तोड़ने पर ₹51,000 का भारी जुर्माना: गाड़ियां होंगी जब्त, दूध गरीबों में बंटेगा
आंदोलन को प्रभावी बनाने के कड़े नियम:
-
51 हजार का आर्थिक दंड: हड़ताल को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाने के लिए यूनियनों ने कड़े नियम तय किए हैं। यदि इस दौरान कोई भी व्यक्ति चोरी-छिपे दूध बेचता हुआ पकड़ा गया, तो उस पर ₹51,000 का भारी जुर्माना ठोका जाएगा।
-
वाहन जब्ती की कार्रवाई: दूध का व्यावसायिक परिवहन करने वाले वाहनों को तुरंत जब्त करने का फैसला किया गया है।
-
गरीबों में वितरण: पकड़े गए दूध को नष्ट करने के बजाय पास की गरीब बस्तियों और जरूरतमंदों में मुफ्त बांटने का निर्णय लिया गया है।
🌾 चारे की महंगाई और नकली दूध का कारोबार: ₹100 प्रति लीटर दूध बेचने की मांग
पशुपालकों की मुख्य मांगें और समस्याएं:
-
लागत में भारी वृद्धि: पशुपालकों का कहना है कि पिछले कुछ समय में खल, बिनौला, तूड़ी और हरे चारे के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं, साथ ही ढुलाई और दवाओं का खर्च भी काफी महंगा हो गया है।
-
उचित दाम की मांग: लागत के मुकाबले दूध का सही मूल्य न मिलने के कारण कई इलाकों में भैंस का दूध ₹100 प्रति लीटर और शुद्ध देसी घी ₹1,500 प्रति किलो बेचने की मांग तेजी से जोर पकड़ रही है।
-
नकली दूध पर रोक: बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे सिंथेटिक और मिलावटी दूध-मावे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना भी इस आंदोलन का एक प्रमुख एजेंडा है।
📦 बाजार में हाहाकार रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट: वीटा और पाउडर मिल्क का सहारा
प्रशासनिक तैयारियां और वैकल्पिक व्यवस्था:
-
पाउडर मिल्क का बैकअप: लगातार तीन दिनों तक दूध की भारी किल्लत से आम जनता, अस्पतालों और नवजात बच्चों को परेशानी न हो, इसके लिए सरकारी डेयरी ब्रांड ‘वीटा’ (Vita) और स्थानीय प्रशासन ने अग्रिम तैयारियां शुरू कर दी हैं।
-
इमरजेंसी सप्लाई चैन: प्रशासन द्वारा दूध पाउडर और पाश्चुरीकृत टेट्रा पैक दूध का आपातकालीन स्टॉक तैयार किया जा रहा है, ताकि आवश्यक सेवाओं के लिए जरूरी आपूर्ति को आंशिक रूप से बनाए रखा जा सके।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.