Faridabad Priest Murder Case: फरीदाबाद में मंदिर के पुजारी की हत्या का पर्दाफाश, नशा करने से रोकने पर सिलबट्टे से किया था कत्ल
फरीदाबाद (हरियाणा): फरीदाबाद के सेक्टर-30 स्थित बाइपास रोड पर नहर किनारे बने मंदिर के निकट घटित हुए सनसनीखेज पुजारी हत्याकांड की गुत्थी को अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) डीएलएफ ने सुलझा लिया है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य वारदात में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है।
प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में यह दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ है कि मंदिर परिसर के समीप बैठकर नशा करने का विरोध करने पर आरोपियों ने अत्यंत बर्बरता के साथ 65 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी की हत्या कर दी थी।
🩸 नशा करने से टोकने पर बढ़ा विवाद: सिलबट्टे से सिर पर वार कर ली जान
हत्याकांड की घटना का पूरा ब्यौरा:
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मंदिर के पास नशाखोरी का विरोध: पुलिस रिमांड और पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मंदिर के पास बैठकर नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे थे। मंदिर के 65 वर्षीय पुजारी ओमप्रकाश ने जब पवित्र स्थल की मर्यादा का हवाला देते हुए उन्हें वहां नशा करने से रोका, तो आरोपी उग्र हो गए।
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गाली-गलौज और मारपीट: टोकने से नाराज आरोपियों ने बुजुर्ग पुजारी के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथापाई और मारपीट शुरू कर दी।
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सिलबट्टे से जानलेवा हमला: झगड़े के दौरान आरोपियों ने पास में रखे भारी पत्थर के सिलबट्टे को उठाकर पुजारी ओमप्रकाश के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। सिर में गहरी चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण बुजुर्ग पुजारी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
⚖️ मथुरा और भरतपुर के रहने वाले हैं दोनों आरोपी: क्राइम ब्रांच ने भेजा जेल
गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि और आपराधिक रिकॉर्ड:
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आरोपियों की शिनाख्त: पकड़े गए पहले आरोपी की पहचान आशिफ उर्फ टीटी (20 वर्ष), निवासी गांव हुसैनी, जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश) तथा दूसरे आरोपी की पहचान आशिफ उर्फ कालिया (34 वर्ष), निवासी गांव बामनी (जुरहेड़ा), जिला भरतपुर (राजस्थान) के रूप में हुई है। दोनों वर्तमान में फरीदाबाद की किसान मजदूर कॉलोनी में रह रहे थे।
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पुराना आपराधिक इतिहास: पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आशिफ उर्फ टीटी के खिलाफ पूर्व में भी आर्म्स एक्ट और चोरी से जुड़े तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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अग्रिम कानूनी कार्रवाई: अपराध शाखा डीएलएफ ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर संबंधित अदालत में पेश करने और रिमांड पर लेकर साक्ष्य जुटाने की कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
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