UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की राजनीति
देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत शनिवार को देहरादून स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा उन्हें वर्ष 2016 में आयोजित एक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमिताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के संबंध में पूछताछ के लिए तलब किया गया था।
पूछताछ की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए हरीश रावत ने तंजिया लहजे में कहा कि उनका अनुभव कुछ मीठा, कुछ रोमांचकारी और कुछ निराशा भरा भी रहा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आज की सरकारें केवल राजनीतिक बदले की भावना से ही सारे निर्णय लेंगी और काम करेंगी, तो यह देश कैसे आगे बढ़ेगा? उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी व्यक्तिगत चिंता नहीं है, बल्कि देश, संविधान और समाज के लोकतांत्रिक मूल्यों की चिंता है।
🎯 ‘ईडी नहीं, सत्ता और चुनाव की चिंताएं बुला रही हैं’: हरीश रावत का भाजपा पर तीखा वार
सत्तारूढ़ दल पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप:
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बदले की राजनीति का आरोप: पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि तमाम केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है।
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सत्ता के अहंकार की बात: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें असल में ईडी कार्यालय ने नहीं बुलाया, बल्कि यह सत्ता की हताशा, उनका अहंकार और आगामी चुनावों की चिंताएं हैं जो उन्हें समन भेज रही हैं।
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लोकतांत्रिक समाधान: हरीश रावत ने कहा कि जनता के सहयोग से वे सत्तारूढ़ दल की इन राजनीतिक चिंताओं का लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकालेंगे।
🗣️ बेटे वीरेंद्र रावत का पलटवार: ‘अस्पताल से लौटे अभी 2 दिन हुए, जनता के स्वागत से घबराई सरकार’
परिजनों और कांग्रेस का कड़ा ऐतराज:
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स्वास्थ्य लाभ के बीच समन: हरीश रावत के पुत्र और कांग्रेस नेता वीरेंद्र रावत ने ईडी की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ राजनेता जो लगभग तीन महीने तक अस्पताल में गंभीर इलाज कराने के बाद अभी घर लौटे हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं, उन्हें बाहर आए दो दिन भी नहीं हुए कि जांच एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया।
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लोकप्रियता से बौखलाहट का दावा: वीरेंद्र रावत ने आरोप लगाया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जनता ने जिस गर्मजोशी के साथ हरीश रावत का भारी स्वागत किया, उससे घबराकर भाजपा सरकार इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
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चुनावी टाइमिंग पर सवाल: उन्होंने कहा कि यह मामला वर्ष 2016 का है, जिसकी पूर्व में जांच हो चुकी थी और आवश्यक कदम भी उठाए गए थे। अब चुनावों के मुहाने पर इस पुराने मामले को फिर से उछालना केवल जनता का ध्यान भटकाने का असफल प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य की जीत होगी और हरीश रावत पूरी तरह बेदाग साबित होंगे।
📁 जानिए क्या है पूरा मामला: UKSSSC VPDO भर्ती परीक्षा 2016 से जुड़े हैं तार
जांच का आधार और पूर्व में हुई कार्रवाई:
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VPDO भर्ती परीक्षा मामला: प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जा रही यह जांच उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा साल 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) भर्ती परीक्षा में सामने आई कथित धांधली और भ्रष्टाचार से जुड़ी है।
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पूर्व में हुई छापेमारी: इसी मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए ईडी ने विगत 10 सितंबर को देहरादून में कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया था।
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करीबियों पर नजर: उस दौरान हरीश रावत के वर्तमान पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंदन सिंह जीना के आवास पर भी तलाशी ली गई थी। उल्लेखनीय है कि हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान चंदन सिंह जीना उनके ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं। जांच एजेंसी इन्हीं संपर्कों और वित्तीय लेन-देन के आधार पर साक्ष्य जुटाने में लगी है।
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