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Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश्ती का हुआ प्रदर्शन

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पिथौरागढ़ (उत्तराखंड): उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की ऊंची वादियों में भारत और मंगोलिया की थल सेनाओं के बीच प्रतिष्ठित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलीफेंट 2026’ (Nomadic Elephant 2026) पूरी ऊर्जा और रणनीतिक तत्परता के साथ जारी है। इस संयुक्त अभ्यास में दोनों मित्र देशों के जांबाज सैनिक आधुनिक युद्धक तकनीक, सामरिक ऑपरेशनल ड्रिल्स और विषम परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई का सघन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर दोनों देशों की सैन्य इकाइयों के बीच आपसी तालमेल, साझा समझ और इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) को और अधिक सुदृढ़ बनाना है, ताकि किसी भी वैश्विक या क्षेत्रीय संकट के समय दोनों सेनाएं मिलकर प्रभावी मोर्चा संभाल सकें।

🎯 छोटे हथियारों की हैंडलिंग व फायरिंग ट्रेनिंग: भारतीय जवानों संग मंगोलियाई सैनिकों ने साधा निशाना

सामरिक प्रशिक्षण और हथियार संचालन:

  • हथियार संचालन का अभ्यास: सैन्य अभ्यास के दौरान मंगोलियाई सैनिकों को आधुनिक छोटे हथियारों (Small Arms) की सटीक हैंडलिंग और विभिन्न परिस्थितियों में फायरिंग की विशेष ट्रेनिंग दी गई।

  • सुरक्षा और तकनीकी ड्रिल्स: इस सत्र में हथियारों की तकनीकी पहचान, सुरक्षा प्रोटोकॉल, त्वरित लोडिंग-अनलोडिंग, सटीक निशाना साधने और विपरीत परिस्थितियों में फायर करने की प्रक्रियाओं का कड़ा अभ्यास कराया गया।

  • साझा भागीदारी: भारतीय सैनिकों ने मंगोलियाई जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इन सभी सैन्य गतिविधियों में सहभागिता की और अपनी पेशेवर विशेषज्ञता साझा की।

🚪 रूम इंटरवेंशन और सीक्यूबी ड्रिल: बंधक संकट व आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन का कड़ा अभ्यास

सघन शहरी युद्धक तकनीक (Close Quarter Battle):

  • कमरे में सुरक्षित प्रवेश: भारतीय सेना के विशेषज्ञ जवानों ने आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण ‘रूम इंटरवेंशन ड्रिल’ (Room Intervention Drill) का जीवंत प्रदर्शन किया।

  • रूम क्लीयरेंस और कम्युनिकेशन: इसमें किसी संदिग्ध इमारत या कमरे में योजनाबद्ध तरीके से दाखिल होना, छिपे आतंकियों को निष्क्रिय कर कमरे को सुरक्षित क्लियर करना, टीम फॉर्मेशन के साथ आगे बढ़ना और ऑपरेशन के दौरान शांत व प्रभावी कम्युनिकेशन बनाए रखने का अभ्यास शामिल रहा।

  • घायलों की सुरक्षित निकासी: ड्रिल के दौरान ऑपरेशन के बीच घायल हुए साथी सैनिक या बंधक को सुरक्षित बाहर निकालने (Casualty Evacuation) की रणनीति का भी दोनों सेनाओं ने संयुक्त रूप से व्यावहारिक अभ्यास किया।

🤼 पारंपरिक ‘बोख कुश्ती’ का प्रदर्शन: सांस्कृतिक आदान-प्रदान से मजबूत हुई सैनिकों की बॉन्डिंग

संस्कृति और मार्शल आर्ट का प्रदर्शन:

  • बोख कुश्ती की झलक: अभ्यास के दौरान सैन्य युक्तियों के साथ-साथ दोनों देशों की समृद्ध पारंपरिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी सुंदर समागम देखने को मिला। मंगोलियाई सैनिकों ने अपनी सदियों पुरानी पारंपरिक ‘बोख कुश्ती’ (Bökh Wrestling) और स्वदेशी मार्शल आर्ट का शानदार प्रदर्शन किया।

  • सैन्य परंपराओं का सम्मान: इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से दोनों देशों के जवानों को एक-दूसरे की समृद्ध सैन्य परंपराओं, जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने व समझने का अनूठा अवसर मिला।

🏔️ काउंटर-इंसर्जेंसी पर मुख्य फोकस: 3 अक्टूबर तक चलेगा 45-45 जवानों का साझा अभ्यास

अभ्यास का प्रारूप और रणनीतिक महत्व:

  • समय-सीमा और सहभागिता: ‘नोमैडिक एलीफेंट 2026’ का यह संस्करण 21 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक पिथौरागढ़ के सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारत और मंगोलिया के 45-45 चुनिंदा सैन्य जवान भाग ले रहे हैं।

  • संयुक्त राष्ट्र मैंडेट के तहत तैयारी: इस पूरे अभ्यास का प्राथमिक फोकस संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर के तहत अर्ध-शहरी (Semi-Urban) और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में काउंटर-इंसर्जेंसी और आतंकवाद-विरोधी अभियानों को कुशलतापूर्वक अंजाम देने पर केंद्रित है।

  • अनुभवों का आदान-प्रदान: इस द्विपक्षीय मंच के माध्यम से दोनों सेनाएं अपने वास्तविक युद्ध अनुभवों और ऑपरेशनल रणनीतियों को साझा कर रही हैं, जिससे भविष्य में संयुक्त अभियानों के दौरान उनकी कार्यक्षमता और तालमेल में कई गुना वृद्धि होगी।

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