Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Benjamin Netanyahu UNGA 2026: नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर पर साधा निशाना, ममदानी बोले- ICC वारंट ... UPI MDR Charges Update: क्या छोटे टुकड़ों में पेमेंट करने से बचेगा MDR? जानिए क्या कहते हैं नियम और ... HMD Vibe 2 Pro Price and Specifications: जानिए फीचर्स, कलर ऑप्शन और फ्लिपकार्ट उपलब्धता से जुड़ी पूर... Bhadrapad Purnima 2026: कमजोर चंद्रमा के संकेत और भाद्रपद पूर्णिमा पर चंद्रमा को मजबूत करने के अचूक ... World Lung Day Health Tips: फेफड़ों को रखना है स्वस्थ तो एसी में बैठते वक्त इन बातों का रखें विशेष ध... PM Modi Memento Auction: पीएम मोदी को मिले उपहारों की नीलामी पर सुहेल सेठ का लेख, कहा- यह सेवा और त्... Bihar Crime News: जमुई और समस्तीपुर के बाद बांका में नाबालिग से छेड़छाड़, तेजस्वी यादव ने सरकार को घ... जमुई नाबालिग छात्रा से बदसलूकी मामला: दो महिला अधिकारियों को कमान, पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की त... भारत और वेस्टइंडीज के बीच 1st ODI: विराट-रोहित की मैदान पर वापसी, फैंस में भारी उत्साह 2026 बॉक्स ऑफिस का चौंकाने वाला सच: बड़े बजट और स्टारडम के बावजूद क्यों लड़खड़ाई बड़ी फिल्में?

Indore Gorilla Piyush Parmar Story: दिन में 25 किलो का ‘गोरिल्ला’ बन मनोरंजन, रात में पुलिस भर्ती की तैयारी; जानें 20 साल के पीयूष का जज्बा

2

इंदौर। सपनों को पाने की ललक और परिवार को आर्थिक संकट से उबारने का जज्बा क्या होता है, इसकी मिसाल इंदौर के 20 वर्षीय युवा पीयूष परमार पेश कर रहे हैं। घोर आर्थिक तंगी के बावजूद पीयूष हिम्मत हारने के बजाय दिनभर सड़कों और आयोजनों में 25 किलो का भारी-भरकम ‘गोरिल्ला’ कॉस्ट्यूम पहनकर लोगों का मनोरंजन करते हैं। इससे होने वाली आय से वे अपने परिवार की मदद करते हैं और शाम ढलते ही पुलिस विभाग में भर्ती होने की तैयारी में जुट जाते हैं। पीयूष की दिनचर्या सुबह 5 बजे से शुरू होकर देर रात 12 बजे तक अनवरत चलती है।

👮 पुलिसकर्मी बनकर जनसेवा और परिवार का सहारा बनने की चाहत: पिता की बीमारी के बाद संभाली जिम्मेदारियां

पीयूष बताते हैं कि उनका सबसे बड़ा सपना पुलिस विभाग में भर्ती होकर देश और जनता की सेवा करना है।

उनके परिवार में माता-पिता और दो छोटे भाई हैं। पिता पहले एक प्राइवेट नौकरी करते थे, लेकिन गंभीर बीमारी के कारण अब वे काम करने में असमर्थ हैं। पिता के अस्वस्थ होने के बाद पीयूष ने पूरे परिवार के पालन-पोषण का जिम्मा अपने कंधों पर ले लिया। वे कहते हैं, “मैं अपने माता-पिता और छोटे भाइयों को बेहतर जिंदगी देना चाहता हूं, इसलिए दिन-रात मेहनत करने से पीछे नहीं हटता।”

🧺 मां के साथ लॉन्ड्री के काम में भी बंटाते हैं हाथ: बर्थडे पार्टी और इवेंट्स में करते हैं डांस

आर्थिक तंगी से निपटने के लिए पीयूष केवल एक काम पर निर्भर नहीं रहते। उनकी मां घर पर ही लॉन्ड्री का काम करती हैं, जिसमें पीयूष कपड़ों पर प्रेस करने से लेकर उन्हें ग्राहकों के घर तक पहुंचाने में सहयोग करते हैं।

चूंकि केवल लॉन्ड्री की कमाई से घर का खर्च और पिता की दवाइयों का खर्च पूरा नहीं हो पा रहा था, इसलिए पीयूष ने बर्थडे पार्टी, मैरिज इवेंट्स और सार्वजनिक कार्यक्रमों में गोरिल्ला बनकर डांस करने और करतब दिखाने का काम शुरू किया। इससे मिलने वाले पैसों से वे पढ़ाई और घर का खर्च चलाते हैं।

⏰ सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक का कड़ा रूटीन: अस्पताल, लॉन्ड्री, इवेंट और फिर खाकी की तैयारी

पीयूष ने अपनी सख्त दिनचर्या के बारे में बताया, “मेरी सुबह 5 बजे शारीरिक कसरत (Physical Exercise) से शुरू होती है।

इसके बाद बीमार पिता को अस्पताल ले जाना, मंदिर जाना और फिर मां के साथ लॉन्ड्री पर समय देना शामिल है। दोपहर में जो भी बुकिंग या इवेंट होते हैं, उनमें गोरिल्ला की पोशाक में पहुंचता हूं। शाम लगभग 7 बजे घर लौटने के बाद मैं पुलिस भर्ती परीक्षा की लिखित पढ़ाई में जुट जाता हूं।”

🏅 25 किलो के कॉस्ट्यूम में पसीने से तरबतर होकर करते हैं ट्रैफिक प्रबंधन: इंदौर पुलिस कमिश्नर ने किया सम्मानित

गोरिल्ला कॉस्ट्यूम पहनकर डांस करना बेहद कठिन काम है। इस पोशाक का वजन करीब 25 किलोग्राम है, जिसे पहनकर भीषण गर्मी में करतब दिखाते वक्त पीयूष पसीने से तरबतर हो जाते हैं।

संघर्ष की इस कहानी के बीच पीयूष अपनी नागरिक जिम्मेदारियां भी नहीं भूलते। वे अक्सर शहर के व्यस्त चौराहों पर गोरिल्ला की पोशाक में ही ट्रैफिक व्यवस्था संभालते हुए नजर आते हैं। उनके इस निस्वार्थ सेवाभाव और कड़े संघर्ष को देखते हुए हाल ही में इंदौर पुलिस कमिश्नर ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.