Sirsa News: सीएम नायब सिंह सैनी का बड़ा एक्शन, वीटा प्लांट के तत्कालीन CEO निलंबित; रिफंड मामलों में दिए सख्त निर्देश
सिरसा (हरियाणा): मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को सिरसा प्रवास के दौरान आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की समीक्षा बैठक में वीटा मिल्क प्लांट के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भागीरथ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के कड़े निर्देश जारी किए।
शिकायत निवारण के दौरान करीवाला गांव के निवासी भूपेंद्र सिंह ने अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि अगस्त 2025 में वीटा प्लांट की टीम द्वारा करीवाला बीएमसी से दूध का संकलन किया गया था। प्लांट के कर्मचारियों ने दूध में कास्टिक की मात्रा अधिक होने का बहाना बनाकर खेप को रिजेक्ट कर दिया। शिकायतकर्ता का गंभीर आरोप है कि तत्कालीन सीईओ ने रिजेक्ट दूध को जांच में पास करने के बदले अनुचित समझौते का दबाव बनाया। जब बात नहीं बनी, तो दूध को पूरी तरह अस्वीकृत कर दिया गया और न ही उसे लौटाया गया। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी तत्कालीन सीईओ को निलंबित करने का फरमान सुनाया।
🌾 सिरसा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग: सीएम बोले- जांच में नुकसान मिला तो होगी भरपाई
किसानों की मांग और फसलों की स्थिति पर रुख:
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कम वर्षा का संज्ञान: स्थानीय किसानों और संगठनों द्वारा अल्पवर्षा के कारण सिरसा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की।
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नहरी जल की आपूर्ति: उन्होंने कहा कि जिले में वर्षा की कमी जरूर दर्ज हुई है, किंतु नहरी पानी की समुचित उपलब्धता के चलते वर्तमान में फसलों की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
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सघन जांच का आश्वासन: इसके बावजूद राज्य सरकार जमीनी स्तर पर फसलों और जल संकट की विस्तृत जांच कराएगी। यदि जांच रिपोर्ट में किसानों की फसल खराबे अथवा नुकसान की पुष्टि होती है, तो प्रशासन द्वारा त्वरित आर्थिक मदद व मुआवजा सुनिश्चित किया जाएगा।
🏢 सेक्टर-21 फ्लैट विवाद पर कड़ा एक्शन: ब्याज सहित रिफंड और 1 माह में समाधान का अल्टीमेटम
आवास आवंटन और बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही पर निर्देश:
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बुनियादी सुविधाओं का अभाव: छतरगढ़ पट्टी, आनंद विहार निवासी विजय कुमार ने शिकायत में बताया कि उन्हें सेक्टर-21 में फ्लैट नंबर 387 आवंटित हुआ था। सभी औपचारिकताएं और पूरी राशि जमा कराने के बावजूद सीवर, पेयजल और विद्युत आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाएं न होने के कारण आज तक कब्जा नहीं मिला।
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ब्याज समेत वापसी: मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि आवंटी की इच्छानुसार जमा राशि ब्याज सहित लौटाई जाए। साथ ही विभाग को निर्देश दिया कि रिफंड के सभी लंबित मामलों का निस्तारण एक माह के भीतर पूरा किया जाए।
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दोषी अधिकारियों पर जांच: सीएम ने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ विभागीय नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
📋 16 में से 13 शिकायतों का मौके पर हुआ समाधान: जिला कष्ट निवारण समिति में त्वरित न्याय
जनसमस्याओं के निवारण की रूपरेखा:
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बैठक की अध्यक्षता: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला जनसंपर्क एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आमजन की समस्याओं को एक-एक कर सुना।
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त्वरित निस्तारण: विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 16 प्रमुख परिवाद प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 13 मामलों का अधिकारियों की उपस्थिति में मौके पर ही अंतिम निराकरण कर दिया गया। शेष प्रकरणों में समयबद्ध रिपोर्ट तलब की गई है।
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