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Ranchi Crime News: रांची में डॉक्टर से 80.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी, रिश्तेदार समेत 6 लोगों पर FIR दर्ज

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रांची (झारखंड): राजधानी रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र में 80.60 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और जालसाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

इस मामले में डॉ. दिवेश कुमार भगत के लिखित आवेदन पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि व्यावसायिक ऋण और फ्लैट निर्माण के नाम पर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए गए और वापस मांगने पर धमकियां दी गईं।

💼 व्यावसायिक ऋण के नाम पर 41.60 लाख रुपये लेने का आरोप: रिश्तेदारी का उठाया फायदा

व्यावसायिक लेन-देन और आरोपों का ब्योरा:

  • पारिवारिक भरोसे का दुरुपयोग: डॉ. दिवेश कुमार भगत के अनुसार, उनके रिश्तेदार निखिल कुमार और उसकी पत्नी बबीता गुप्ता ने अपना व्यवसाय बढ़ाने के नाम पर उनसे और उनकी पत्नी शालिनी भगत से आर्थिक सहयोग मांगा था।

  • लाखों का ट्रांसफर: पारिवारिक संबंधों पर विश्वास करते हुए उन्होंने कुल 41 लाख 60 हजार रुपये बबीता गुप्ता की फर्म और संबंधित लोगों को दिए।

  • ऑनलाइन व नकद भुगतान: इस कुल राशि में से 30 लाख रुपये आरटीजीएस/नेफ्ट (RTGS/NEFT) के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों से ‘आयुष इंटरप्राइजेज’ के खाते में भेजे गए, जबकि 11 लाख 60 हजार रुपये अलग-अलग तारीखों में नकद दिए गए।

  • रकम मांगने पर मिलीं धमकियां: पैसे वापस मांगने पर आरोपी पक्ष टालमटोल करता रहा और कथित तौर पर पुलिस व प्रशासनिक प्रभाव का डर दिखाकर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।

⚖️ कोतवाली थाने में 12 सितंबर को केस दर्ज: इन छह आरोपियों पर कसा शिकंजा

मामले में नामजद आरोपी और धाराएं:

  • नामजद आरोपी: प्राथमिकी में मुख्य रूप से निखिल कुमार, उसकी पत्नी बबीता गुप्ता, गोपाल प्रसाद गुप्ता, पदम लाल गुप्ता, रेनू गुप्ता और संजीत कुमार सिंह को आरोपी बनाया गया है।

  • कानूनी धाराएं: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। यह मामला 12 सितंबर 2026 को कोतवाली थाने में दर्ज हुआ।

🏢 फ्लैट और टावर निर्माण के नाम पर 39 लाख ऐंठे: हजारीबाग के प्रोजेक्ट से जुड़ा विवाद

रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में वादाखिलाफी का आरोप:

  • न्यू होम्स का प्रोजेक्ट: शिकायतकर्ता का दूसरा गंभीर आरोप हजारीबाग स्थित ‘न्यू होम्स’ के टोप्पीदी केशव टावर से जुड़ा है। आरोप है कि M/s New Homes के संचालक निखिल कुमार ने फ्लैट और भवन निर्माण के नाम पर 39 लाख रुपये लिए थे।

  • स्पेस आवंटन का वादा: इसके एवज में डॉ. भगत को ग्राउंड फ्लोर पर 2600 वर्गफीट व्यावसायिक जगह, दूसरे तल पर 1540 वर्गफीट आवासीय जगह और पार्किंग संख्या 01, 05, 06 व 07 आवंटित करने का भरोसा दिया गया था।

  • लंबे समय तक टरकाया: बाद में प्रोजेक्ट में कानूनी व तकनीकी अड़चनों का बहाना बनाकर लंबे समय तक मामले को अटकाए रखा गया।

📜 फर्जी अलॉटमेंट लेटर और 2023 का एग्रीमेंट: जालसाजी कर बदली गई व्यवस्था

कूटरचित दस्तावेज और सह-आरोपियों की भूमिका:

  • फर्जी लेटर जारी किया: शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें 21 जनवरी 2014 की तिथि वाला एक फर्जी अलॉटमेंट लेटर थमा दिया गया था।

  • दस्तावेजों में हेरफेर: आरोप है कि निखिल कुमार ने अन्य आरोपियों के साथ मिलीभगत कर पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य जाली दस्तावेजों के माध्यम से संपत्ति से संबंधित अवैध लेनदेन किए।

  • 11 अप्रैल 2023 का इकरारनामा: शिकायत में 11 अप्रैल 2023 को हुए एक नए एग्रीमेंट का भी हवाला दिया गया है। आरोप है कि पूर्व समझौते के बावजूद बाद में संपत्ति आवंटन से जुड़ी व्यवस्था बदल दी गई और केवल कोरे आश्वासन दिए जाते रहे।

👮 पुलिस ने शुरू की गहन जांच: सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय बने अनुसंधान अधिकारी

प्रशासनिक व वैधानिक कार्रवाई:

  • तफ्तीश शुरू: प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामले के वित्तीय व दस्तावेजी साक्ष्यों की सघन पड़ताल शुरू कर दी है।

  • जांच अधिकारी नियुक्त: पूरे प्रकरण के निष्पक्ष और बिंदुवार अनुसंधान की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय को सौंपी गई है, जो सभी आरोपियों के बैंक खातों और विवादित संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।

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