रामगंगा नहर किनारे टहलते समय आया मिर्गी का दौरा: नहर में डूबे 25 वर्षीय आशुतोष का 12 घंटे बाद मिला शव
औरैया (उत्तर प्रदेश): जनपद औरैया के बेला थाना क्षेत्र अंतर्गत एक अत्यंत हृदयविदारक एवं दर्दनाक हादसा सामने आया है। रामगंगा नहर की पटरी पर टहलते समय अचानक मिर्गी का दौरा (Epileptic Seizure) पड़ने के कारण गहरे पानी में डूबे 25 वर्षीय युवक का शव पुलिस एवं प्रांतीय सशस्त्र पुलिस बल (PAC) की संयुक्त टीम ने लगभग 12 घंटे के अथक सर्च ऑपरेशन के पश्चात सकुशल बाहर निकाल लिया है। यह हादसा शनिवार शाम को घटित हुआ था, जिसके बाद से ही समूचे क्षेत्र में शोक व अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त था तथा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
🌊 संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में समाया युवक: ग्रामीणों के प्रयास रहे नाकाम
दुर्घटना का विवरण और प्रत्यक्षदर्शियों का बयान:
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शाम को टहलने गया था युवक: प्राप्त विवरण के अनुसार, बेला थाना क्षेत्र के ग्राम अलीपुर निवासी आशुतोष उर्फ आस्तू (25 वर्ष), पुत्र कृष्ण कुमार सविता, शनिवार शाम को अपने गांव के समीप से गुजरने वाली रामगंगा नहर की पटरी पर सामान्य रूप से टहलने गया हुआ था।
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अचानक आया दौरा: प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने बताया कि टहलते समय अचानक उसे मिर्गी का तीव्र दौरा आ गया, जिससे उसका शारीरिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर सीधे उफनती नहर में गिर पड़ा।
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बहाव में बहा: आसपास खेतों व सड़क पर मौजूद ग्रामीणों ने जब उसे डूबते देखा, तो तुरंत शोर मचाते हुए उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, किंतु नहर का बहाव अत्यंत तेज होने के कारण वह गहरे जल में बह गया।
🚤 रात में अंधेरे के कारण रुका ऑपरेशन: तड़के PAC की 43वीं वाहिनी ने निकाला शव
रेस्क्यू अभियान और प्रशासनिक तत्परता:
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पुलिस व दमकल दस्ता पहुंचा: हादसे की सूचना मिलते ही बेला थाना पुलिस, दमकल विभाग (Fire Brigade) और स्थानीय गोताखोर तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और शनिवार देर रात तक नहर में सघन तलाश की गई, लेकिन अंधेरा गहरा जाने के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा।
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पीएसी की एंट्री: रविवार तड़के करीब 5:00 बजे 43वीं वाहिनी पीएसी (एटा) की 12 सदस्यीय दक्ष रेस्क्यू टीम हेड कांस्टेबल श्याम सुंदर के नेतृत्व में मौके पर पहुंची।
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शव बरामदगी: पीएसी के जवानों ने स्थानीय गोताखोरों के सहयोग से नहर के प्रवाह क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान चलाया और सुबह लगभग 7:30 बजे आशुतोष के शव को पानी से बाहर निकाल लिया।
💔 परिवार का एकमात्र मुख्य सहारा था आशुतोष: पूरे अलीपुर गांव में पसरा सन्नाटा
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ और विधिक कार्रवाई:
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सैलून चलाकर करता था भरण-पोषण: परिजनों ने बताया कि आशुतोष अपने घर में सबसे बड़ा पुत्र था। वह कमलपुर नहर पुलिया के पास कटिंग (हेयर सैलून) की दुकान संचालित कर पूरे परिवार का आर्थिक पालन-पोषण करता था।
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परिजनों का क्रंदन: शव बाहर आते ही मां रजनी देवी, छोटे भाई-बहनों और पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। होनहार युवक की असमय मृत्यु से पूरे अलीपुर गांव में मातम छा गया है।
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पोस्टमार्टम के लिए भेजा: बेला थाना पुलिस ने शव का विधिवत पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए चिचौली स्थित औरैया जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के उपरांत शव अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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