Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे को दी 21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात, हिंजेवाड़ी से शि... बॉम्बे हाईकोर्ट का बीएमसी को कड़ा निर्देश, अभिनेत्री दीया मिर्जा का हटाया गया वीडियो दोबारा सोशल मीड... अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी घमासान, छह वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्र... जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा भूचाल, सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी के इस्तीफे से उमर अब्दुल्ला क... दक्षिण ब्लॉक होगा पूरी तरह खाली, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और डीजीएमओ का कार्यालय नए शौर्य भवन में... अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी में सियासी हलचल तेज, कोर कमेटी की बैठक में पार्थ पवार के फैसलों पर ज... आगरा के कमला नगर में पीवीसी कारोबारी के घर बड़ी चोरी, तीन नकाबपोश बदमाश 70 लाख के जेवर ले उड़े गोवंश तस्करी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, वाहन जब्ती को अवैध करार देकर सरकार पर लगाया ... बिहार में नदियों की गाद से बनेंगे नेशनल हाईवे, NHAI और राज्य सरकार के बीच हुआ बड़ा समझौता Health and Nutrition Tips Protein Products Market: बाजार में बिकने वाले प्रोटीन प्रोडक्ट्स खरीदने से...

साहिबगंज में गंगा ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड: 28.72 मीटर पहुंचा जलस्तर, तटीय इलाकों में दहशत

22

साहिबगंज (झारखंड): जिले में गंगा नदी के विकराल रूप धारण करने से बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 28.72 मीटर दर्ज किया गया, जो कि पिछले चार वर्षों का सर्वाधिक उच्चतम स्तर है। नदी के लगातार बढ़ते दायरे से तटीय और निचले इलाकों में बसे ग्रामीणों की चिंताएं चरम पर पहुंच गई हैं। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के आंकड़ों के अनुसार, इससे पूर्व अधिकतम स्तर वर्ष 2025 में 28.70 मीटर, 2024 में 28.06 मीटर, 2023 में 27.38 मीटर और 2022 में 28.60 मीटर रहा था।

📈 कोसी नदी से छोड़े गए पानी से बढ़ी तबाही: CWC ने दी जलस्तर की अद्यतन जानकारी

जल आयोग का आकलन और वर्तमान स्थिति:

  • कोसी का प्रवाह बना कारण: केंद्रीय जल आयोग के साइट प्रभारी छोटे लाल मालतो ने बताया कि बक्सर और मुंगेर के मध्य गंगा का स्तर घट रहा है तथा अन्य स्थानों पर स्थिर बना हुआ है, किंतु कोसी नदी से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के कारण साहिबगंज में जलस्तर धीमी गति से बढ़ रहा है।

  • स्थिर होने की संभावना: विशेषज्ञों का अनुमान है कि ऊपरी क्षेत्रों से बहाव नियंत्रित होते ही अगले 24 से 48 घंटों में यहां भी जलस्तर स्थिर होने की संभावना है।

🏫 11 और 12 सितंबर को शिक्षण संस्थान बंद: अब सोमवार को खुलेंगे स्कूल

शिक्षा विभाग का एहतियाती कदम:

  • दो दिनों का अवकाश घोषित: गंगा के जलस्तर में निरंतर वृद्धि और संभावित खतरे को देखते हुए नदी किनारे स्थित सभी सरकारी व निजी विद्यालयों को 11 और 12 सितंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

  • सोमवार से संचालन: सप्ताहांत अवकाश के उपरांत अब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल आगामी सोमवार को सामान्य रूप से संचालित किए जाएंगे।

🚤 दियारा क्षेत्र जलमग्न: NDRF और प्रशासनिक अमले ने संभाला राहत और बचाव मोर्चा

प्रशासनिक निरीक्षण और राहत सामग्री का वितरण:

  • प्रभावित बस्तियों का दौरा: अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) अमर जॉन आईन्द तथा अंचलाधिकारी (CO) बासुकीनाथ टुडू ने एनडीआरएफ (NDRF) की टीम के साथ गोपालपुर, घिसु टोला, मकईया टोला और बांसकोला जैसे जलमग्न इलाकों का सघन निरीक्षण किया।

  • राशन व आवश्यक वस्तुएं वितरित: प्रशासनिक टीम ने नावों के जरिए प्रभावित परिवारों तक पहुंचकर सूखा राशन, खाद्य सामग्री और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया।

  • संवेदनशीलता के निर्देश: एसडीएम ने कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि राहत वितरण में कोई कोताही न बरती जाए और प्रभावित लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जाए।

🐄 चारे के संकट से जूझ रहे पशुपालक: शकुंतला सहाय घाट पर प्रशासनिक मदद का इंतजार

पशुपालकों की व्यथा और मांग:

  • घाट पर डाला डेरा: दियारा इलाके से विस्थापित होकर शकुंतला सहाय घाट पर शरण लिए पशुपालक गंभीर चारे की कमी से जूझ रहे हैं।

  • प्रशासनिक वादों पर सवाल: सुनीत देवी, सुंदर मंडल, महेंद्र मंडल और रामप्रसाद सहित अन्य पशुपालकों ने बताया कि प्रशासन के कहने पर वे लगभग 50 मवेशियों के साथ यहां आए थे, किंतु कई दिन बीत जाने के बाद भी सरकारी स्तर पर पशु चारे की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

  • त्वरित सहायता की गुहार: पशुपालकों ने जिला प्रशासन से अविलंब सूखा व हरा चारा उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि बेजुबान पशुओं को भुखमरी से बचाया जा सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.