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Chhattisgarh Wild Elephant News: तपकरा में घर के पास 29 हाथियों का डेरा, वन विभाग ने परिवार को बगियाकानी किया शिफ्ट

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जशपुरनगर (छत्तीसगढ़): जिले के घोर हाथी प्रभावित तपकरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले धवईटोली गांव में जंगली हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

गांव में 29 हाथियों का एक बड़ा दल पहुंचने के बाद अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए एक ही परिवार के 10 लोगों को आनन-फानन में अपना घर छोड़ना पड़ा। हाथियों के अत्यंत निकट आ जाने के कारण वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे परिवार को ट्रैक्टर में बिठाकर गांव से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ये सभी सदस्य अब अपने परिचितों और रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं।

🚨 गांव के जंगलों और खेतों में घूम रहा 29 हाथियों का दल: वन विभाग ने कराई मुनादी

मौके के हालात और प्रशासनिक सतर्कता:

  • खेतों में विचरण: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, 29 हाथियों का यह दल बीती रात से ही धवईटोली गांव के आसपास स्थित जंगलों और फसलों से भरे खेतों में लगातार विचरण कर रहा है।

  • गश्त और चेतावनी: हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।

  • सावधानी बरतने की अपील: वन अमले ने गांव-गांव मुनादी कराकर ग्रामीणों को सख्त चेतावनी दी है कि वे शाम ढलते ही अपने घरों में रहें तथा भूलकर भी हाथियों के समीप जाने या जंगल व खेतों की तरफ निकलने का जोखिम न उठाएं।

🚜 घर से 700 मीटर की दूरी पर हाथियों का डेरा: रात के खतरे को देखते हुए बगियाकानी में किया शिफ्ट

रेंजर प्रवीण वर्मा का आधिकारिक बयान:

  • घर की संवेदनशील स्थिति: तपकरा रेंजर प्रवीण वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि धवईटोली निवासी जय गोपाल का मकान गांव के बिल्कुल अंतिम छोर पर स्थित है।

  • हमले का खतरा: इस घर से मात्र 700 मीटर के दायरे में 29 हाथियों के दल ने अपना डेरा जमाया हुआ था, जिससे रात के अंधेरे में परिवार पर सीधे हमले का गंभीर खतरा बना हुआ था।

  • दिन में काम, रात में विस्थापन: उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एहतियात के तौर पर परिवार के सभी 10 सदस्यों को तत्काल बगियाकानी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया गया। परिवार को हिदायत दी गई है कि वे दिन में अपने आवश्यक व घरेलू कार्य निपटा सकते हैं, किंतु रात में घर पर रुकने से पूरी तरह परहेज करें।

🌲 जिले में 41 हाथियों का जमावड़ा: झारखंड से बलरामपुर-अंबिकापुर होते हुए पहुंचा दल

हाथियों के झुंड का मूवमेंट और भौगोलिक विस्तार:

  • विभाजित दल फिर हुआ एकत्र: वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में इस समय कुल 41 हाथियों ने डेरा डाला हुआ है, जिनमें से 29 हाथियों का मुख्य दल तपकरा और पत्थलगांव रेंज में सक्रिय है।

  • आवागमन का रूट: यह दल पड़ोसी राज्य झारखंड से प्रवेश कर बलरामपुर और अंबिकापुर (सरगुजा) होते हुए जशपुर जिले की सीमा में दाखिल हुआ है।

  • बगीचा में हुआ मिलन: सरगुजा क्षेत्र में विचरण के दौरान यह झुंड दो हिस्सों में बंट गया था, लेकिन जशपुर के बगीचा परिक्षेत्र में पहुंचते ही दोनों दल दोबारा एक होकर बड़े झुंड में तब्दील हो गए।

🛡️ ‘नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता’: वन विभाग की निगरानी जारी

बचाव कार्य पर रेंजर का वक्तव्य:

  • तत्काल राहत प्रयास: रेंजर प्रवीण वर्मा ने दोहराया कि हाथियों के संभावित हमले से जान-माल की रक्षा करना विभाग की पहली प्राथमिकता है। इसी के तहत जोखिम वाले क्षेत्र से परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

  • 24 घंटे निगरानी: प्रभावित परिक्षेत्र में विशेष ट्रैकर और वन रक्षकों की टीम हाथियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

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