गोपालगंज के सवनही जगदीश में सेप्टिक टैंक बना काल; 4 मजदूरों की मौत, परिजनों को ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐलान
गोपालगंज (बिहार): बिहार के गोपालगंज जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में उतरे चार मजदूरों की जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई।
यह भीषण हादसा गोपालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सवनही जगदीश गांव में उस वक्त हुआ, जब मजदूर नवनिर्मित शौचालय की टंकी की सेंटरिंग (सपोर्टिंग शटरिंग) खोलने के लिए नीचे उतरे थे। टंकी के भीतर उतरे पहले मजदूर के काफी देर तक बाहर न आने पर उसे बचाने के प्रयास में तीन अन्य मजदूर भी एक-एक कर अंदर चले गए और चारों जहरीली गैस की चपेट में आकर अचेत हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद सभी को टंकी से बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत चारों मजदूरों को मृत घोषित कर दिया।
⚠️ एक को बचाने में एक-एक कर उतरे तीन साथी: जहरीली गैस ने किसी को नहीं बख्शा
हादसे का घटनाक्रम और बचाव की कोशिश:
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शटरिंग खोलने गया था पहला मजदूर: निर्माणाधीन शौचालय की सेप्टिक टंकी में लकड़ी और लोहे की सेंटरिंग खोलने के लिए एक मजदूर नीचे गया, जो जहरीली गैस के संपर्क में आते ही बेहोश हो गया।
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बचाने में डूबीं अन्य जिंदगियां: साथी को अचेत देख उसे निकालने के लिए बाकी तीनों मजदूर भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के बारी-बारी से अंदर उतरे और देखते ही देखते सभी जहरीली गैस की चपेट में आ गए।
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एक अन्य व्यक्ति प्रभावित: बचाव कार्य के दौरान एक अन्य ग्रामीण भी गैस के आंशिक प्रभाव में आ गया, जिसका प्राथमिक उपचार कराया जा रहा है।
💔 मृतकों की पहचान: चार परिवारों का सहारा छिना, गांव में मातम
मृतक मजदूरों का विवरण और कानूनी प्रक्रिया:
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मृतकों के नाम: हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान बंटी बैठा उर्फ राकेश बैठा, जावेद आलम उर्फ टीपू आलम, उमेश यादव और शब्बे आलम के रूप में हुई है।
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पोस्टमार्टम और जांच: पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया है।
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परिजनों का क्रंदन: एक साथ चार युवकों की असमय मौत से सवनही जगदीश गांव के चार घरों के चिराग बुझ गए हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
💰 प्रशासनिक अधिकारियों का दौरा: ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता का ऐलान
प्रशासनिक संज्ञान और मुआवजा:
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एसडीएम ने किया निरीक्षण: जिलाधिकारी समीर सौरभ के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) डॉ. प्रेरणा सिंह ने प्रशासनिक अमले के साथ घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
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सामूहिक दुर्घटना घोषित: अपर आपदा प्रबंधन पदाधिकारी के अनुसार, इस घटना को गैर-प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत ‘सामूहिक दुर्घटना’ की श्रेणी में दर्ज किया गया है।
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मुआवजा राशि: विधिक प्रक्रिया एवं औपचारिकताएं पूरी होते ही सभी मृतक मजदूरों के आश्रितों को आपदा राहत कोष से ₹4-4 लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।
🛑 सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी: जांच के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई
निर्माण कार्य और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल:
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सुरक्षा उपकरणों का अभाव: बंद एवं गहरे सेप्टिक टैंकों में जहरीली गैसों (जैसे मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड) के परीक्षण या ऑक्सीजन मास्क के बिना मजदूरों को उतारने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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जिम्मेदारों पर शिकंजा: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों व संबंधित पक्षों के खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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