पटना में छात्र आंदोलन: सकारात्मक वार्ता के बाद भी CM आवास घेराव पर अड़े छात्र, विवादित बयान पर BPSC परीक्षा नियंत्रक सस्पेंड
पटना (बिहार): पटना में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी है।
सरकार की ओर से छात्रों की कई प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उन्हें पूरा करने का सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। बैठक के बाद छात्र नेताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन और अभ्यर्थियों के बीच जो संवादहीनता की स्थिति बनी हुई थी, वह अब काफी हद तक दूर हो गई है। इसके बावजूद छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी बाकी बुनियादी मांगों पर ठोस लिखित आदेश जारी होने तक पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री आवास का शांतिपूर्ण घेराव करेंगे।
📋 70वीं BPSC रद्द करने और शिक्षक भर्ती TRE-4 में बदलाव को लेकर अड़े हैं छात्र
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें और आंदोलन का कारण:
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गर्दनीबाग में धरना: राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर सैकड़ों प्रतियोगी छात्र पिछले कई दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं।
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70वीं BPSC परीक्षा: अभ्यर्थी 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर नए सिरे से आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।
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TRE-4 शिक्षक भर्ती पैटर्न: शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में लागू किए गए दोहरे चरण (PT और मेंस) तथा नेगेटिव मार्किंग को पूरी तरह हटाकर केवल एक ही लिखित परीक्षा (Single Exam) आयोजित करने की मांग की जा रही है।
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डोमिसाइल और उम्र सीमा: सभी राज्यस्तरीय भर्तियों में सख्त डोमिसाइल नीति लागू करने और कोविड/विलंब के कारण सामान्य व आरक्षित वर्गों को आयु सीमा में अतिरिक्त छूट देने की मांग शामिल है।
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भर्ती में पारदर्शिता: BPSC, बिहार दारोगा, सिपाही और अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
🚫 TRE-4 के परीक्षा पैटर्न पर आयोग का रुख स्पष्ट: नहीं बदलेगा फैसला
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) का आधिकारिक पक्ष:
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आयोग का बयान: BPSC प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शिक्षक नियुक्ति परीक्षा TRE-4 में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तय किया गया PT-मेंस पैटर्न और नेगेटिव मार्किंग का नियम यथावत रहेगा।
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नियमों में बदलाव नहीं: आयोग के अनुसार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
⚖️ विवादित बयान देने पर BPSC परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार तत्काल प्रभाव से निलंबित
विवाद और प्रशासनिक कार्रवाई:
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आपत्तिजनक बयान: आंदोलन के दौरान मीडिया द्वारा छात्रों के प्रदर्शन पर सवाल पूछे जाने पर BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर (परीक्षा नियंत्रक) राजेश कुमार ने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा था—“हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार”।
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छात्रों में भारी आक्रोश: इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रदर्शनकारी छात्र आक्रोशित हो गए और सड़क पर उतरकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
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निलंबन की कार्रवाई: बढ़ते विवाद और जनआक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया। हालांकि, कार्रवाई से पूर्व अधिकारी ने वीडियो संदेश जारी कर अपने बयान पर खेद प्रकट करते हुए माफी भी मांगी थी।
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