Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नेपाल के भोटे कोसी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़: भारत ने तेज किया व्यापक राहत और बचाव अभियान युवाओं को साधने के लिए BJP का मेगा प्लान: 45 युवा नेताओं संग नितिन नबीन की बैठक, हर्ष सांघवी और ओपी ... गोपालगंज के सवनही जगदीश में सेप्टिक टैंक बना काल; 4 मजदूरों की मौत, परिजनों को ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐल... 'मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान संविधान का अपमान'; जितेंद्र आव्हाड का बड़ा बयान, शुद्धिकरण करने वालों पर... सतना और चित्रकूट में बाढ़ का भयानक मंजर: मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर, रामघाट का पुल बहा सरगुजा-जशपुर की खराब सड़कों पर एक्शन में सरकार; डिप्टी सीएम ने दिए मरम्मत के निर्देश, इन प्रमुख मार्... धमतरी में दोस्त की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद: हेलमेट से सिर पर वार कर उतारा था मौत के घाट बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: पेगड़ापल्ली जंगल से भारी नक्सल डंप और विस्फोटक बरामद सुकमा: पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 47 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत; दूषित भोजन-पानी की आशंका, अस्पताल में मच... बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 क...

‘मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान संविधान का अपमान’; जितेंद्र आव्हाड का बड़ा बयान, शुद्धिकरण करने वालों पर FIR की मांग

1

मुंबई (महाराष्ट्र): राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संदर्भ में बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे देश के सर्वमान्य दलित नेता हैं और उनके साथ इस तरह का भेदभावपूर्ण व्यवहार सीधे तौर पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और भारतीय संविधान का खुला अपमान है।

आव्हाड ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के दौरान कथित तौर पर शुद्धिकरण के नाम पर गंगाजल छिड़कना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पूरे बहुजन समाज और वंचित वर्ग की भावनाओं पर आघात है। देश में आज भी छुआछूत और संकीर्ण मानसिकता का बना रहना बेहद चिंताजनक है।

⚖️ ‘सिर्फ निंदा से काम नहीं चलेगा, दर्ज हो FIR’: कानूनी कार्रवाई की मांग

सामाजिक समानता और कानूनी प्रक्रिया:

  • बहुजन समाज का दर्द: उन्होंने कहा कि OBC, SC और ST वर्ग आज भी इस प्रकार की व्यवस्थागत विसंगतियों से जूझ रहा है। यदि इतने वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम नागरिक की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।

  • FIR की मांग: आव्हाड ने स्पष्ट किया कि यह केवल जुबानी निंदा का विषय नहीं है, बल्कि कानूनी अपराध है। उन्होंने कथित शुद्धिकरण करने वालों के विरुद्ध तत्काल सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की।

📖 सोनिया गांधी की पुस्तक पर विवाद: ‘अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात’

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बयान:

  • आजादी पर अंकुश का आरोप: सोनिया गांधी की पुस्तक के प्रकाशन को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो देश में पुनः आपातकाल जैसी परिस्थितियां निर्मित की जा रही हैं।

  • पूर्व सेना प्रमुख की किताब का उल्लेख: उन्होंने दावा किया कि बंद कमरों से अभिव्यक्ति की आजादी को सीमित करने का प्रयास हो रहा है, जैसा कि पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की पुस्तक के संदर्भ में भी देखा गया था।

📋 NEET से भी बड़ा MPSC घोटाला: युवाओं के भविष्य पर संकट

भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर सवाल:

  • MPSC पेपर लीक: जितेंद्र आव्हाड ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में बड़ा घोटाला हुआ है, जिसका प्रभाव राष्ट्रीय स्तर के NEET विवाद से भी कहीं अधिक व्यापक है।

  • सरकार पर उदासीनता का आरोप: उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर शरद पवार स्वयं छात्रों से मिलने पहुंचे थे, किंतु राज्य सरकार युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है।

📊 OBC जनगणना और बढ़ती बेरोजगारी पर गहन मंथन: जिला स्तर पर कोर कमेटी की तैयारी

सामाजिक और आर्थिक नीतियां:

  • OBC आरक्षण व जाति जनगणना: पार्टी की आंतरिक बैठक में OBC जनगणना और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।

  • दिल्ली में बैठक की योजना: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा OBC वर्ग से किए गए वादों की समीक्षा होनी चाहिए और इस विषय को लेकर दिल्ली में सर्वदलीय विमर्श की आवश्यकता है। पार्टी ने प्रत्येक जिले में प्रतिमाह कोर कमेटी बैठक करने का निर्देश जारी किया है।

📢 लाडली बहना योजना में 1 करोड़ नाम काटने का आरोप: सड़क पर उतरने की चेतावनी

कल्याणकारी योजनाओं में कटौती पर आक्रोश:

  • महिलाओं के नाम हटाने का दावा: आव्हाड ने गंभीर आरोप लगाया कि सत्यापन के नाम पर लगभग एक करोड़ पात्र महिलाओं के नाम ‘लाडली बहना योजना’ से चुपचाप हटा दिए गए हैं।

  • सड़क पर आंदोलन: उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के उपरांत बहनों के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी पुरजोर तरीके से सड़कों पर उतरकर सरकार के विरुद्ध व्यापक आंदोलन करेगी।

🚗 ट्रैफिक से त्रस्त मुंबई की जनता: ‘सरकार में चल रहा भारी अंतर्विरोध’

शहरी बुनियादी ढांचा और प्रशासनिक खींचतान:

  • जनसमस्याओं की अनदेखी: उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई में आम आवागमन बेहद कठिन हो चुका है और लोग घंटों ट्रैफिक में फंसे रहते हैं।

  • प्रशासनिक तालमेल का अभाव: आव्हाड ने कटाक्ष करते हुए कहा कि एक मंत्री किसी नीतिगत विषय पर निर्णय लेता है, जिस पर महीनों चर्चा होती है, और मुख्यमंत्री उसे एक ही दिन में निरस्त कर देते हैं; यह दर्शाता है कि सरकार के भीतर गंभीर प्रशासनिक अंतर्विरोध विद्यमान है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.