मराठा आरक्षण पर मनोज जरांगे का फिर आमरण अनशन: अंतरवाली सराटी में जुटे हजारों लोग, 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड पर प्रमाण पत्र की मांग
जालना (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर पूरी तीव्रता के साथ गरमा गया है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने शनिवार (29 अगस्त) को जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अपना आमरण अनशन औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि मराठा समुदाय का पिछले तीन वर्षों का लंबा संघर्ष अब अपनी निर्णायक ‘जीत के करीब’ पहुंच चुका है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी इस अनशन को अपना खुला समर्थन दिया है।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। पिछले वर्ष 29 अगस्त को उनके आह्वान पर मुंबई में मराठा समाज का विशाल आंदोलन देखा गया था। इस बार जरांगे ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण की मांग पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे और चाहे जान की बाजी लग जाए, आंदोलन को सफल बनाकर ही दम लेंगे।
📜 ‘यह हमारा अंतिम आंदोलन होगा’: 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड्स के आधार पर सर्टिफिकेट की मांग
प्रमुख मांगें और सरकार को अल्टीमेटम:
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समय देने से इनकार: मनोज जरांगे ने दो टूक शब्दों में कहा कि मराठा समुदाय अब राज्य सरकार को और अधिक समय या मोहलत देने के मूड में नहीं है।
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कुनबी प्रमाण पत्र जारी हों: उन्होंने मांग की कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा पूर्व में सत्यापित किए जा चुके 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर पात्र मराठा बंधुओं को तुरंत जाति प्रमाण पत्र निर्गत किए जाएं।
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आर-पार की लड़ाई: अंतरवाली सराटी में पत्रकारों से वार्ता करते हुए जरांगे ने दोहराया कि यह मराठा समाज का अंतिम और निर्णायक आंदोलन साबित होगा।
📢 पूरे राज्य से अंतरवाली सराटी पहुंच रहे मराठा आंदोलनकारी: एकजुटता की अपील
जमीनी लामबंदी और लोगों की भागीदारी:
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घरों से निकलने की अपील: जरांगे ने महाराष्ट्र भर के मराठा समाज से अपील की कि वे अपने घरों से बाहर निकलें, धरना स्थल पर पहुंचें और अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए एकजुट रहें।
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हजारों की भीड़: अनशन शुरू होते ही मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी तादाद में समाज के लोग अंतरवाली सराटी पहुंच रहे हैं, जिससे गांव में आंदोलनकारियों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है।
🎒 राशन व जरूरी सामान लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी: मुंबई कूच की रणनीति पर नजर
तैयारी और भावी रणनीति:
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लंबे आंदोलन की तैयारी: कई आंदोलनकारी अपने वाहनों में कई दिनों का जरूरी राशन और रोजमर्रा का सामान लेकर पहुंचे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर लंबा मोर्चा संभाला जा सके।
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मुंबई कूच का विकल्प खुला: हालांकि मुंबई की ओर कूच करने को लेकर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, किंतु आने वाले दिनों में सरकार के रुख और वार्ता के नतीजों के आधार पर ही आंदोलन की अगली दिशा और मुंबई कूच पर फैसला होगा।
🛡️ कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट: अंतरवाली सराटी में कड़ी सुरक्षा
प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा प्रबंध:
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सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त: अंतरवाली सराटी में आंदोलनकारियों की भारी संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
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शांति व्यवस्था पर जोर: किसी भी अप्रिय स्थिति या तनाव से बचने के लिए गांव और सीमावर्ती रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि शांति बनी रहे।
🤝 CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिया समर्थन: युवाओं की लड़ाई को बताया जायज
राजनीतिक व सामाजिक समर्थन:
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मांगों को बताया जायज: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि मनोज जरांगे की मांगें पूरी तरह न्यायोचित हैं।
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पारस्परिक समर्थन: दिपके ने कहा कि मनोज जरांगे पाटिल ने भी पूर्व में उनके मुद्दों का समर्थन किया था और वे युवाओं के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए उनकी पार्टी इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
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