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मालदा में TMC ग्राम पंचायत प्रधान चेमानी बीबी पर बांग्लादेशी होने का आरोप: फर्जी दस्तावेजों से चुनाव लड़ने की शिकायत, SP ने शुरू की जांच

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मालदा (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले सीमा पार से होने वाली कथित घुसपैठ और नागरिकता का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।

हरिश्चंद्रपुर की पूर्व ग्राम पंचायत प्रधान लवली खातून के विवाद के बाद अब मालदा के वैष्णवनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोलापगंज ग्राम पंचायत की तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रधान चेमानी बीबी पर बांग्लादेशी नागरिक होने के गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ओबीसी (OBC) प्रमाण पत्र और पहचान पत्र तैयार करवाने का आरोप है।

शिकायतकर्ताओं ने साक्ष्यों के साथ पुलिस अधीक्षक (SP), प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) और उप-मंडल अधिकारी (SDO) को लिखित शिकायत सौंपी है। इसके साथ ही इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी गई है।

कथित जानकारी के अनुसार, चेमानी बीबी मूल रूप से बांग्लादेश के चपैनवाबगंज जिले के शिबगंज की निवासी थीं और उनका पहला विवाह भी वहीं हुआ था। आरोप है कि वह अपने 5 वर्षीय बच्चे के साथ अवैध मार्ग से भारत में दाखिल हुईं और बाद में यहां विवाह कर लिया। उनके पिता के पास कथित तौर पर आज भी बांग्लादेश का मतदाता पहचान पत्र मौजूद है, हालांकि चुनाव आयोग द्वारा पूर्व में उनके परिवार का नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा भी किया गया है।

📜 फर्जी दस्तावेजों से उम्मीदवारी का आरोप: केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग

राजनीतिक आरोप और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं:

  • पूर्व IPS प्रसून बनर्जी का बयान: तृणमूल नेता व पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रसून बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2023 में तत्कालीन जिला नेतृत्व ने अनधिकृत व्यक्तियों के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर उन्हें उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की।

  • अग्निमित्र पाल का हमला: राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्र पाल ने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए कहा कि घुसपैठ के बाद ऐसे लोगों के भारतीय पहचान पत्र बनवाने और उन्हें पंचायत चुनाव में टिकट देने के लिए स्थानीय राजनीतिक तंत्र जिम्मेदार है।

  • कांग्रेस की मांग: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार के मामलों की निष्पक्ष और तथ्यपरक प्रशासनिक जांच आवश्यक है ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

🔍 पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच: दोनों थानों को मिले निर्देश

प्रशासनिक रुख और कानूनी प्रक्रिया:

  • एसपी का आधिकारिक बयान: मालदा के पुलिस अधीक्षक (SP) अनुपम सिंह ने बताया कि प्रकरण में तकनीकी और कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चेमानी बीबी के पिता पूर्व में भारतीय थे जो दशकों पहले बांग्लादेश चले गए थे, जहाँ चेमानी बीबी का जन्म हुआ और बाद में वर्ष 2006 के आसपास वे भारत आईं।

  • कानूनी विशेषज्ञों की राय: पुलिस प्रशासन इस मामले में उच्चस्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों और विधि विशेषज्ञों से कानूनी राय ले रहा है कि वर्तमान नियमों के तहत नागरिकता की क्या स्थिति बनती है।

  • दो थानों को जांच के आदेश: मामले की गहराई से पड़ताल के लिए वैष्णवनगर और कालियाचक थानों को संयुक्त रूप से दस्तावेजों के सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।

⚖️ लवली खातून मामले में पहले भी हो चुकी है कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई

पूर्व का संदर्भ:

  • पद और सदस्यता रद्द: इससे पूर्व मालदा के हरिश्चंद्रपुर स्थित रशीदाबाद ग्राम पंचायत की तत्कालीन तृणमूल प्रधान लवली खातून पर भी बांग्लादेशी नागरिकता के आरोप लगे थे।

  • हाई कोर्ट का आदेश: कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने जांच के उपरांत लवली खातून की प्रधानी, पंचायत की सदस्यता और उनका ओबीसी (OBC) प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था।

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