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नेपाल में तबाही के बाद साहिबगंज में गंगा का कहर: खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर बह रही नदी, कारगिल दियारा में कई घर समाए

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साहिबगंज (झारखंड): नेपाल में आई भीषण बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए बिहार और झारखंड सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। झारखंड का एकमात्र गंगा तटीय जिला साहिबगंज भी बाढ़ के गंभीर संकट की चपेट में आ गया है। गंगा की प्रमुख सहायक नदियों गंडक और कोसी से भारी मात्रा में पानी आने के कारण गंगा नदी के जलस्तर में तीव्र वृद्धि दर्ज की जा रही है। गुरुवार सुबह 6:00 बजे गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान (27.25 मीटर) से 58 सेंटीमीटर ऊपर यानी 27.85 मीटर पर पहुंच गया है। यद्यपि बहाव की गति में आंशिक स्थिरता आई है, किंतु नेपाल का पानी बिहार होते हुए आगे बढ़ने से साहिबगंज और उससे सटे पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।

🏚️ कारगिल दियारा में तेज हुआ गंगा का कटाव: दर्जनों घर नदी में समाए, पलायन शुरू

कटाव और विस्थापन की स्थिति:

  • घरों का विस्थापन: सदर प्रखंड अंतर्गत कारगिल दियारा क्षेत्र में गंगा का कटाव अत्यंत तीव्र हो गया है, जिसके चलते दर्जनों आशियाने देखते ही देखते गंगा की गोद में समा गए हैं।

  • बस्तियों में जलभराव: दियारा क्षेत्र के निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

  • सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन: जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीण अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।

🏕️ जिला प्रशासन ने बनाए राहत शिविर: भोजन, पेयजल और दवाओं के पुख्ता इंतजाम

प्रशासनिक अमला और राहत व्यवस्था:

  • संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण: जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार प्रभावित दियारा क्षेत्रों का सघन दौरा कर जमीनी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

  • राहत केंद्रों की स्थापना: बाढ़ प्रभावित नागरिकों और उनके मवेशियों के ठहरने के लिए सुरक्षित आश्रय केंद्र (Relief Centers) स्थापित किए गए हैं।

  • मूलभूत सुविधाएं: सभी राहत केंद्रों में प्रभावितों के लिए निःशुल्क भोजन, शुद्ध पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

📢 माइकिंग कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील: एसडीओ अमर जॉन आइंद

प्रशासन की एडवाइजरी और बचाव अभियान:

  • सदर एसडीओ का बयान: सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अमर जॉन आइंद ने बताया कि बाढ़ के संभावित खतरे से जान-माल का नुकसान रोकने के लिए दियारा इलाकों में लगातार लाउडस्पीकर (माइकिंग) से मुनादी कराई जा रही है।

  • अपील: प्रशासन ने दियारा और जलभराव वाले क्षेत्रों में रह रहे सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों या सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित हो जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति से सुरक्षित रहा जा सके।

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