Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Balod News: कबीरधाम में भारतीय किसान संघ का उग्र प्रदर्शन, 23 सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रैक्टरों से क... Chhattisgarh Industrial Fire: भिलाई की फैक्ट्री में कैमिकल ड्रम फटने से लगी आग, बाल-बाल बचे मजदूर Raipur News: शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज, प्रशासन ने पूरी की... Chhattisgarh News: तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर सीएम साय का बयान, 'सेवा ज्योति संकल्प' के त... Bastar Development News: सहकारिता मॉडल पर चर्चा के लिए बस्तर पहुंचे विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिव... Nana Patekar Demise: पद्म श्री पुरस्कार विजेता मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन... Kisan Andolan Chhattisgarh: धान के बढ़े दाम और बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने निकाली ट्रैक्... Dantewada News: दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्रि दुकान आवंटन को लेकर व्यापारियों का विरोध, सड़क पर जगह म... Chhattisgarh Crime News: कमिश्नरेट पुलिस ने जब्त किया 1 क्विंटल 27 किलो गांजा, एनडीपीएस एक्ट के तहत ... Cyber Crime Ranchi: APK फाइल डाउनलोड कराकर बैंक खाता खाली करने वाला शातिर गिरोह सक्रिय, FIR दर्ज

हरियाणा में नाती-नातिन को संपत्ति ट्रांसफर पर स्टाम्प शुल्क में 100% छूट: सरकार ने 2014 की अधिसूचना में किया संशोधन

13

चंडीगढ़ (हरियाणा): हरियाणा सरकार ने पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण के नियमों को और अधिक स्पष्ट करते हुए प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिवार के भीतर अचल संपत्ति के ‘आजीवन हस्तांतरण’ (Living Transfer of Immovable Property) पर देय स्टाम्प शुल्क में मिलने वाली 100 प्रतिशत छूट का लाभ अब पुत्रियों के बच्चों—यानी नाती-नातिन और दोहता-दोहती को भी समान रूप से मिलेगा।

📜 2014 की अधिसूचना के हिंदी अनुवाद में हुआ संशोधन, भाषाई विसंगति दूर

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सह वित्तीय आयुक्त सुमिता मिश्रा ने सरकार के इस नीतिगत निर्णय की जानकारी दी:

  • 2014 का मूल प्रावधान: 16 जून 2014 को हरियाणा सरकार ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 9 के तहत संपत्ति के मालिक के जीवित रहते हुए रक्त संबंधों (माता-पिता, बच्चे, पोते-पोतियां, भाई-बहन और जीवनसाथी) के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर स्टाम्प ड्यूटी पूरी तरह माफ (0%) कर दी थी।

  • अनुवाद का भ्रम: मूल अंग्रेजी अधिसूचना में व्यापक अर्थ वाले शब्द ‘Grandchildren’ का प्रयोग किया गया था, लेकिन इसके हिंदी अनुवाद में केवल ‘पौत्र-पौत्री’ (पुत्र के बच्चे) शब्द लिखा गया था।

  • पंजीयन कार्यालयों में अड़चन: इस भाषाई विसंगति के कारण स्थानीय उप-पंजीयक (तहसील) कार्यालयों में भ्रम की स्थिति बनी रहती थी और अक्सर पुत्रियों के बच्चों (दोहता-दोहती/नाती-नातिन) को इस शून्य-शुल्क छूट के लाभ से वंचित कर दिया जाता था।

⚖️ राजस्व विभाग ने जारी किया औपचारिक शुद्धि-पत्र, दोनों पक्षों को मिला समान दर्जा

इस विसंगति और विवाद को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए सरकार ने शुद्धि-पत्र (Corrigendum) जारी किया है:

  • वाक्यांश में बदलाव: राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी शुद्धि-पत्र के अनुसार हिंदी अधिसूचना में ‘पौत्र-पौत्री’ वाक्यांश के स्थान पर अब आधिकारिक रूप से ‘पौत्र-पौत्री, दोहता-दोहती/नाती-नातिन’ प्रतिस्थापित कर दिया गया है।

  • समान कानूनी अधिकार: इस संशोधन के बाद पुत्र और पुत्री—दोनों के बच्चों को स्टाम्प शुल्क छूट के मामले में एक समान पायदान पर ला दिया गया है।

  • तहसील स्तर पर राहत: अब पूरे राज्य की तहसीलों और रजिस्ट्री कार्यालयों में बेटियों के बच्चों के नाम संपत्ति ट्रांसफर करने पर किसी भी प्रकार का स्टाम्प शुल्क नहीं वसूला जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.