Dhamtari Sindhi Samaj Event: धमतरी में सास-बहू के अटूट रिश्ते का सम्मान, सिंधी समाज ने पेश की मिसाल; 20 साल के साथ पर मिला विशेष पुरस्कार
धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पहली बार एक ऐसा आयोजन हुआ है जो समाज के लिए बहुत ही अच्छा संदेश देने वाला है. सोमवार को सिंध शक्ति महिला संगठन ने चेट्रीचंद्र के शुभ अवसर व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सास बहू सम्मान समारोह, एक शाम सास बहू के नाम कार्यक्रम आयोजित किया.
20 साल साथ रहने वाली सास बहू के लिए कार्यक्रम
शहर के आमापारा स्थित पूज्य सिंधी समाज भवन में सिंधी समाज के करीब 90 बहू और 90 सास को आमंत्रित किया गया. इनमें ऐसी सास बहुए थी जिन्हें एक साथ रहते 20 साल से ज्यादा समय हो गया. कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से सिंधी समाज की सास और बहू शामिल हुई.
सास बहू के लिए खास कार्यक्रम
कार्यक्रम के पहले बहुओं ने अपनी सास की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया. इस दौरान कई सास और बहू की आंखे भर आईं. सास बहुओं के लिए विभिन्न तरह के खेल आयोजन डांस, गीत संगीत का आयोजन किया गया.कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने बताया कि देश में शायद यह आयोजन पहली बार हो रहा है. महिलाओं को एक ही जन्म में दो मां मिलती है उनका साथ हमेशा देना चाहिए. आजकल कई परिवार अपनी सास को अलग कर देती है जबकि शादी के बाद सास ही मां का हर वो कर्तव्य को निभाती है जो शादी से पहले एक मां अपनी बेटी के लिए निभाती है. अगर सास और बहू एक होकर रहें तो कभी भी वृद्धाश्रम नहीं बनेंगे.
“एक जीवन में मिली दो दो मां”
प्रियंका आहूजा ने बताया कि उन्हें बहुत गर्व हो रहा है कि धमतरी में इस तरह का अनोखा कार्यक्रम किया गया. उन्होंने बताया कि वह अपने सास के साथ 20 वर्षों से रह रही हैं. सास से बहुत प्यार मिला है, बहुत खुशी-खुशी हर पल हर समय उनकी सास साथ में रही है. कभी भी कोई दिक्कत नहीं हुई. उन्होंने यह भी बताया कि यह सौभाग्य की बात है कि उनको एक ही जन्म में दो दो मां मिली हुई है. जिसमें एक जन्म देने वाली और एक घर गृहस्थी की शिक्षा दी है. प्रियंका अपनी सास की आरती उतारते वक्त भावुक हो गई थी.
छत्तीसगढ़ के कई जिलों से पहुंची सास बहु
सास कलावती वाधवानी ने बताया कि वह कोरबा से सिंध शक्ति महिला संगठन के कार्यक्रम में पहुंची है. उनकी बहू मां करके पुकारती है और वह अपनी बहू को बेटी मानती है. उनकी बहू ने डांट फटकार लगाने का मौका भी नहीं दिया और उनका काफी ख्याल रखती है. उन्होंने सिंध शक्ति महिला संगठन के कार्यक्रम की तारीफ की. इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोरबा, रायपुर,बालोद, चारामा सहित अलग-अलग जगह से समाज की सास बहू पहुंची.
सिंध शक्ति महिला संगठन की अध्यक्ष पार्वती वाधवानी ने बताया कि जो सास और बहू 20 वर्षों से संयुक्त परिवार में रह रहे हैं. जो बहू अपनी सास की सेवा कर रही हैं, मां जैसे मान रही है,ऐसे सास बहू का सम्मान किया गया है. पार्वती वाधवानी ने कहा कि आज के समय में संयुक्त परिवार नहीं रह पाते हैं. सब लोग अलग-अलग हो जा रहे हैं, जैसे शादी होती है बहुएं अलग हो जाती हैं और सास अकेले पड़ जाती है.
लोगों को संदेश देना चाहते हैं कि सभी बहू अपने सास को साथ में रखे, क्योंकि सास भी एक मां जैसे ही है और बहू अपनी सास को मां मानकर संयुक्त परिवार में रखती हैं तो देश में कभी भी वृद्धाश्रम नहीं बनेगा-पार्वती वाधवानी, सिंध शक्ति महिला संगठन की अध्यक्ष
संयुक्त परिवार का बताया महत्व
सिंधी मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोमी सावलानी ने बताया कि इस कार्यक्रम को करने का मुख्य उद्देश्य जो परिवार आजकल टूट रहे हैं उन परिवारों को एकता का संदेश देते हुए संयुक्त परिवार के महत्व को बताया गया.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.