Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
BSF Attari Border News: अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का नया शेड्यूल जारी; शाम 5:30 बजे शुरू होगी पर... Batala Viral Video: गुरु नानक देव जी के विवाह पर्व में ट्रैक्टर स्टंट पड़ा भारी; तेज रफ्तार में पलटा... Dubai Visa Fraud: 90 हजार में दुबई भेजा, छीना पासपोर्ट और मुर्गीखाने में रखा! जालंधर के पीड़ित ने सु... Amritsar Flooding Alert: तरनतारन रोड के पास नहर टूटने से मचा हड़कंप; मिट्टी की बोरियों से दरार भरने ... Punjab Gold Silver Price Today: पंजाब में उछले सोना-चांदी के दाम; जालंधर में 24 कैरेट सोना ₹1.58 लाख... Ferozepur Central Jail: केंद्रीय जेल फिरोजपुर में फिर चला तलाशी अभियान; 10 और मोबाइल फोन बरामद, कैदि... Etah Fake University Scam: एटा में चायवाले के नाम पर चल रही थी फर्जी यूनिवर्सिटी; भेद खुला तो प्रिंस... Bihar Flood Relief: सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दी एक महीने की सैलरी; नितिन नब... Durg News Today: फेसबुक पोस्ट पर बवाल; भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेसी, भाजयुमो नेता पर FIR और गिरफ्ता... Agra Mahakumbh Ambikapur: सीएम विष्णु देव साय ने किया 'अग्र महाकुंभ 2026' का शुभारंभ; अग्रवाल समाज क...

नक्सलवाद के ‘डेथ जोन’ में तिरंगा! अबूझमाड़ का बोटेर बना शांति का प्रतीक; जहाँ मारा गया था बसवराजू, वहीं बना नया सुरक्षा कैंप

30

नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के सुदूर और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव से जूझते रहे अबूझमाड़ क्षेत्र में अब बदलाव की एक नई कहानी लिखी जा रही है. जिस बोटेर इलाके को कभी माओवादियों का सुरक्षित आश्रय स्थल माना जाता था, अब वहीं नारायणपुर पुलिस ने 9 मार्च को नया सुरक्षा और जन सुविधा कैंप स्थापित किया है.

बसवराजू की मौत से बदली बस्तर की दिशा

अबूझमाड़ का बोटेर इलाका लंबे समय तक माओवादियों की गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा. घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी इलाके होने के कारण नक्सली संगठन यहां सुरक्षित महसूस करते थे. इसी क्षेत्र में हुए एक बड़े अभियान के दौरान नारायणपुर पुलिस की डीआरजी टीम ने माओवादी संगठन के शीर्ष नेता और अंतिम महासचिव बसवा राजू उर्फ नंबाला केशव राव को मार गिराया था. बसवराजू की मौत को सुरक्षा एजेंसियां बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ सबसे बड़ी सफलता मानती हैं. इस घटना के बाद माओवादी संगठन की कमान और रणनीतिक नेतृत्व लगभग खत्म हो गया और इसके बाद से लगातार नक्सली संगठन कमजोर पड़ता गया.

अबूझमाड़ में खुला नया सुरक्षा कैंप

इसी ऐतिहासिक और रणनीतिक महत्व वाले बोटेर क्षेत्र में अब नारायणपुर पुलिस ने नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया है. “शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर” के लक्ष्य के साथ चलाए जा रहे नक्सल विरोधी ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत यह कदम उठाया गया है. वर्ष 2026 में यह नारायणपुर पुलिस द्वारा स्थापित किया गया छठवां सुरक्षा कैंप है. यह कैंप थाना ओरछा क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित किया गया है और जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 90 किलोमीटर, थाना ओरछा से 30 किलोमीटर, आदेर से 15 किलोमीटर और कुडमेल कैंप से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. रणनीतिक रूप से यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां से कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच आसान होती है.

विकास कार्यों को मिलेगी नई गति

नए कैंप की स्थापना के बाद अबूझमाड़ के कई गांवों में विकास कार्यों को तेजी मिलने की उम्मीद है. सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अब सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांवों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा.
इस कैंप के स्थापित होने से आसपास के गांव
वेरकोटी
नीचेवारा
कुरकसा
गुंडेकोट और बोटेर में सड़क संपर्क, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो सकेगा। ग्रामीणों के बीच भी इस कैंप की स्थापना को लेकर काफी उत्साह और सुरक्षा का माहौल देखा जा रहा है.

सड़क संपर्क से जुड़ेगा अबूझमाड़

नारायणपुर पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता अबूझमाड़ को सड़क संपर्क से जोड़ना भी है. कुमनार से सोनपुर होते हुए भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) तक सड़क संपर्क स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं. यह मार्ग विकसित होने के बाद नारायणपुर और बीजापुर जिले के कई गांवों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा और ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी.

लगातार बढ़ रहे सुरक्षा कैंप

नारायणपुर पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में अबूझमाड़ के कई इलाकों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए.

वर्ष 2025 में अबूझमाड़ में खुले कैंप

  • कुतुल
  • कोडलियार
  • बेड़माकोटी
  • पदमकोट
  • कंडुलपार
  • नेलांगुर
  • पांगुड़
  • रायनार
  • एडजूम
  • ईदवाया
  • आदेर
  • कुडमेल
  • कोंगे
  • सितरम
  • तोके
  • जाटलूर
  • धोबे
  • डोडीमरका
  • पदमेटा
  • लंका
  • परियादी
  • काकुर
  • बालेबेड़ा
  • कोडेनार
  • कोडनार
  • आदिनपार
  • मन्दोड़ा जैसे कई इलाकों में नए सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किए गए.

वर्ष 2026 में अबूझमाड़ में खुले कैंप

  • जटवर
  • वाड़ापेंदा
  • कुरसकोड़ो
  • हच्चेकोटी
  • आदनार
  • बोटेर में नए कैंप स्थापित किए जा चुके हैं. इन कैंपों की स्थापना से न केवल नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती मिली है बल्कि प्रशासनिक पहुंच भी लगातार बढ़ी है.

अबूझमाड़ में नहीं बचा कोई बड़ा नक्सली नेता

सुरक्षा एजेंसियों और नारायणपुर पुलिस के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में लगातार चलाए गए अभियानों के कारण अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादी संगठन की स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है. एक समय था जब यहां कई शीर्ष नक्सली नेता सक्रिय रहते थे और यह इलाका उनकी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था. लेकिन अब स्थिति यह है कि अबूझमाड़ में कोई बड़ा नक्सली नेता सक्रिय नहीं बचा है और माओवादी संगठन लगभग अपने खात्मे की कगार पर पहुंच चुका है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.