Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

Women’s Day 2026: सुरक्षा के बड़े-बड़े वादे, लेकिन देवघर के ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ की हालत बदहाल, कैसे सुरक्षित होंगी महिलाएं?

13

देवघर: 8 मार्च को पूरे देश में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा. इस दिन समाज से लेकर सरकार तक महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संकल्प लिया जाता है. महिलाओं को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई योजनाएं और संस्थाएं चलाई जा रही हैं, ताकि पीड़ित और शोषित महिलाओं को सहारा मिल सके.

इन्हीं प्रयासों के तहत महिलाओं की मदद के लिए ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ की स्थापना की गई. नाम से ही स्पष्ट है कि यह ऐसा केंद्र है जहां किसी भी तरह की हिंसा, उत्पीड़न या पारिवारिक प्रताड़ना का शिकार हुई महिलाएं सुरक्षित माहौल में कुछ समय के लिए ठहर सकती हैं. यहां उन्हें न सिर्फ आश्रय मिलता है, बल्कि भोजन, परामर्श और आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है. लेकिन देवघर के इस सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन में अब काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

देवघर के सदर अस्पताल परिसर में भी सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित हो रहा है. सेंटर की प्रभारी अनुपम शर्मा बताती हैं कि इस केंद्र के माध्यम से कई पीड़ित महिलाओं को राहत और सहारा मिल रहा है. हालांकि, सेंटर के संचालन में कई तरह की चुनौतियां भी सामने आ रही हैं.

उन्होंने बताया कि यहां सबसे बड़ी समस्या कर्मचारियों की कमी का है. नियमानुसार, इस केंद्र में करीब 12 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन फिलहाल केवल पांच से छह कर्मचारी ही कार्यरत हैं. सीमित संसाधनों और कम स्टाफ के बीच ही पूरे सेंटर की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है.

वहीं, अन्य समस्याओं को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर ज्यादा कुछ कहने से परहेज किया. हालांकि, सेंटर की स्थिति को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं. कुछ समय पहले महिला आयोग की एक सदस्य ने सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें कई कमियां सामने आई थीं.

गौरतलब है कि सखी वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत केंद्र सरकार की पहल पर की गई है, जबकि इसका संचालन राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है. इस संबंध में जब समाज कल्याण विभाग की पदाधिकारी रंजना कुमारी से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने भी सेंटर की व्यवस्थाओं पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया देने से परहेज किया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.