Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Politics: टीएमसी छोड़ने के बाद कोयल मल्लिक को मिला बड़ा राजनीतिक तोहफा, बीजेपी ने दिया राज... दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्ती: ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत CAQM ने रिंग रोड पर चलाया विशेष नि... मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में घमासान: इंडिया गेट पर AAP का विरोध मार्च, सौरभ भ... Amritsar Border Security: अमृतसर में पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एके-47 और हैंड ग्रेनेड ... Delhi VIP Theft News: राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास में चोरी, गटर का ढक्कन... मुजफ्फरपुर में पुलिस की शर्मनाक करतूत: अंतरजातीय विवाह से जुड़ी समस्या को लेकर पहुंची महिला को बाल प... Delhi High Court Notice: करोल बाग में मेट्रो निर्माण के लिए पेड़ काटने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, DDA ... पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) का ऐलान: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मांगे 6 महीने, 'लव जिहाद'... Seoni Murder Case: मध्य प्रदेश के सिवनी में सनसनीखेज हत्याकांड, मां और मामा ने मिलकर की 22 वर्षीय यु... विपक्ष की रैली पर आशीष शेलार का तीखा हमला: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को बताया ‘लोमड़ियों ...

वोट बैंक के लिए वंदे मातरम् को भुलाया, कांग्रेस दफ्तर में हुआ पाप’: चित्तौड़गढ़ में बरसे अमित शाह

15

चित्तौड़गढ़ (राजस्थान): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर सीधा और तीखा हमला बोला है।

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वोट बैंक की संकीर्ण राजनीति के लिए कांग्रेस ने वंदे मातरम् को भुला दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में बड़ा पाप हुआ है, जहां वंदे मातरम् को बीच में गाने से रोका गया। सोनिया गांधी के इस कृत्य को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई व्यक्ति राष्ट्रगीत को अधूरा छोड़ने की कल्पना भी कैसे कर सकता है? कांग्रेस के नेताओं को इस पर शर्म आनी चाहिए।

📺 ’80 साल बाद मिला अमर गीत को सम्मान, सोनिया गांधी को रास नहीं आया’: गृह मंत्री

अमित शाह ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक निर्लज्जता पूरे देश ने देखी है।

पार्टी मुख्यालय में जब वंदे मातरम् गाया जा रहा था, तभी सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से गीत को बीच में ही रुकवाने के लिए कहा। पूरा देश यह दृश्य टेलीविजन पर स्तब्ध होकर देख रहा था। उन्होंने कहा कि दशकों बाद बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का यह अमर गीत देश में अपना पूर्ण गौरव और सम्मान प्राप्त कर रहा है, किंतु सोनिया गांधी को यह सम्मान रास नहीं आया। शाह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिक कांग्रेस के इस आचरण को बारीकी से देख रहे हैं।

🙏 ‘बंकिम बाबू और देश की जनता से दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगे कांग्रेस’

गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रगीत के साथ जो अक्षम्य कृत्य किया है, देश उसे कभी स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि सपने में भी कोई यह नहीं सोच सकता कि देश के राष्ट्रगीत को बीच में अधूरा छोड़ दिया जाए। यदि कांग्रेस के नेताओं में थोड़ी भी मर्यादा बची है, तो उन्हें तुरंत दोनों हाथ जोड़कर अमर रचनाकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देश की 140 करोड़ जनता से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करनी चाहिए।

🪑 कांग्रेस का स्पष्टीकरण: ‘सोनिया गांधी केवल खरगे जी के लिए कुर्सी मांग रही थीं’

वंदे मातरम् को बीच में रोकने के आरोपों और वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से भी सफाई सामने आई है।

कांग्रेस प्रवक्ताओं ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मामले को जानबूझकर राजनीतिक तूल दिया जा रहा है। पार्टी के अनुसार, सोनिया गांधी राष्ट्रगीत को रोकने का प्रयास नहीं कर रही थीं, बल्कि वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खड़े होने और बैठने की सुविधा को देखते हुए केवल उनके लिए एक कुर्सी की व्यवस्था करने का आग्रह कर रही थीं।

⚔️ सुधांशु त्रिवेदी और अमित मालवीय ने भी राहुल-सोनिया पर साधा सीधा निशाना

कांग्रेस की इस सफाई पर भाजपा प्रवक्ताओं और नेताओं ने पलटवार किया है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प और करोड़ों भारतीयों की राष्ट्रीय भावनाओं के अनुरूप इस बार स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम् का पूर्ण गायन सुनिश्चित हुआ, किंतु कांग्रेस इसे स्वीकार नहीं कर पाई।

वहीं, भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो का हवाला देते हुए लिखा कि राष्ट्रगीत की शुरुआती पंक्तियां गाए जाने के तुरंत बाद सोनिया गांधी असहज हो गईं और उन्होंने गीत पूरा बजने देने के बजाय उसे रुकवाने का प्रयास किया। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने भी इसे जल्द समाप्त कराने का इशारा किया था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.