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Israel-Iran War: एक्शन में PM Modi, CCS की बैठक के बाद UAE और इजराइल से की बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और पुडुचेरी के दो दिवसीय दौरे के बाद रात लगभग साढ़े नौ बजे नई दिल्ली पहुंचे. उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति से बात की. उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी. इसके साथ ही उन्होंने सीसीएस की बैठक भी बुलाई. पीएम मोदी ने बताया कि UAE के प्रेसिडेंट, मेरे भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की. उन्होंने UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की. इन हमलों में हुए जानमाल के नुकसान पर उन्होंने दुख जताया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में UAE के साथ खड़ा है.

पीएम मोदी ने UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय का ध्यान रखने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. पीएम मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की. उन्होंने कहा कि हम तनाव कम करने, इलाके में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं. मौजूदा इलाके के हालात पर बात करने के लिए उन्होंने ये बात की. पीएम मोदी ने मौजूदा घटनाक्रम पर भारत की चिंताएं बताईं और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी. इजराइल और ईरान के युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने लड़ाई जल्द खत्म करने की जरूरत दोहराई.

देर रात तक चली सीसीएस की बैठक

ईरान पर US-इजराइल हमलों से शुरू हुए मिडिल ईस्ट विवाद को देखते हुए पीएम मोदी ने रविवार रात दिल्ली लौटने पर कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मीटिंग बुलाई. ये बैठक अमेरिका और इजराइल की तरफ से ईरान पर हमले के बाद मौजूदा वैश्विक स्थिति की जानकारी के लिए बुलाई गई. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी मारे गए. उनके मारे जाने के बाद पीएम मोदी ने बैठक में स्थिति का जायजा लिया. ये बैठक देर रात तक चली.

समिति को 28 फरवरी को ईरान में हुए हवाई हमलों और उसके बाद की स्थिति में हुई वृद्धि, जिसमें कई खाड़ी देशों में हुए हमले शामिल हैं, के बारे में जानकारी दी गई. समिति ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा और संरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की. सीसीएस ने क्षेत्र से होकर यात्रा कर रहे भारतीय यात्रियों और निर्धारित परीक्षाओं में सम्मिलित हो रहे छात्रों को हो रही कठिनाइयों की भी समीक्षा की, साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा तथा आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियों पर व्यापक प्रभावों पर भी विचार किया. सीसीएस ने संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे इन घटनाक्रमों से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आवश्यक और व्यवहार्य कदम उठाएं. समिति ने शीघ्र संघर्ष की समाप्ति तथा संवाद और कूटनीति की ओर वापसी के महत्व पर बल दिया.

सीसीएस की बैठक में देश के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर फैसला लिया जाता है. इस मामलों में ये देश का सर्वोच्च निकाय है. इस बैठक में चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा और शक्तिकांत दास, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी की ओर से बुलाई गई इस बैठक में पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर बात की.

होर्मुज स्ट्रेट को बंद होने पर भी की गई बात

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ईरान के अधिकारियों की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने से वहां पर किस तरह के हालात हैं उन्होंने इसके बारे में भी जानकारी ली. ये स्ट्रेट भारतीय तेल के जहाजों के लिए एक अहम रास्ता है. जानकारी के मुताबिक, ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक जबकि इजराइल में 40,000 से ज्यादा खाड़ी के देशों और पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों नागरिकों की संख्या लगभग 90 लाख है.

भारत ने अतीत में संघर्षों के बीच पश्चिम एशिया समेत दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से हजारों भारतीयों को निकाला है. विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक, पूरे क्षेत्र में भारतीय दूतावास अपने नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में हैं. यहां के लोगों के लिए हेल्पलाइन भी जारी कर दिया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने मिडिल ईस्ट के देशों पर मौजूदा हालात को लेकर UAE और इजराइल से बात की. पीएम मोदी ने इजराइल-ईरान तनाव, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और होर्मुज स्ट्रेट पर चिंता जाहिर की. इसके अलावा उन्होंने दिल्ली लौटकर CCS की बैठक भी बुलाई.

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