Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

दुनिया पर ‘डिजिटल युद्ध’ का खतरा! ईरान-अमेरिका-इजराइल संघर्ष के बीच महा-साइबर अटैक; इंटरनेट ठप, कई मोबाइल ऐप्स ने काम करना बंद किया

46

ईरान-अमेरिका-इजराइल को शुरू हुए 10 दिनों से भी ज्यादा का समय हो चुका है. 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए ईरान-अमेरिका-इज़रायल युद्ध में अब साइबर वॉर भी बड़ा मोर्चा बन गया है. मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ अब डिजिटल नेटवर्क और इंटरनेट सिस्टम भी निशाने पर हैं. युद्ध धीमा पड़ने बजाय हर रोज तेज होता जा रहा है.

युद्ध की शुरुआत में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े साइबर ऑपरेशन चलाए. कई इलाकों में ईरान की इंटरनेट कनेक्टिविटी घटकर लगभग 4% तक रह गई है. फाइबर ऑप्टिक केबल को नुकसान और साइबर हमलों से कम्युनिकेशन व सेंसर नेटवर्क प्रभावित हुए हैं.

ईरान की कई सरकारी वेबसाइट और न्यूज़ पोर्टल अस्थायी रूप से हैक या बाधित हुए. तेहरान के ट्रैफिक कैमरा और मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी डिजिटल गतिविधियों को भी निशाना बनाया गया. अमेरिका और ईरान दोनों की तरफ से ही इस तरह के हमले लगातार जारी हैं.

मोबाइल ऐप के जरिए मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन

ईरान में लोकप्रिय प्रेयर टाइम ऐप BadeSaba को हैक करने का दावा भी किया गया है. ऐप यूज़र्स को सरकार विरोधी संदेश भेजे गए हैं. इसे साइकोलॉजिकल ऑपरेशन (PSYOPS) का हिस्सा माना जा रहा है. ऐसा करने के पीछे की वजह दुश्मन को कमजोर करना है, ताकि वह खुद ही युद्ध से पीछे हट जाए.

ईरान ने भी किया पलटवार

ईरान से जुड़े 60 से ज्यादा हैकर और हैक्टिविस्ट समूह सक्रिय है. कई देशों के सरकारी और निजी संगठनों पर साइबर हमलों का दावा किया गया है. हमलों में शामिल DDoS अटैक वेबसाइट डिफेसमेंट डेटा चोरी और डेटा लीक नेटवर्क में मैलवेयर या वाइपर हमला है.

अमेरिकी कंपनी पर बड़े हमले का दावा

11 मार्च 2026 को अमेरिकी मेडिकल टेक कंपनी Stryker Corporation पर साइबर हमले का दावा किया है. करीब 50 टेराबाइट डेटा चोरी होने की अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है ऊर्जा, बैंकिंग, हेल्थकेयर और रक्षा क्षेत्र पर साइबर हमलों का खतरा बताया गया. महत्वपूर्ण डिजिटल नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाई गई.

हाइब्रिड वॉर का नया दौर

यह युद्ध अब हाइब्रिड वॉर बन चुका है. इसमें मिसाइल हमले + साइबर अटैक + मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन शामिल हैं. आने वाले समय में साइबर हमलों का खतरा और बढ़ सकता है. दोनों ही देशों की तरफ से लगातार हमले किए जा रहे हैं. हालांकि अब तक युद्ध को रोकने को लेकर किसी भी तरफ से पहल नहीं की गई है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.