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Cyber Fraud: एक छोटी सी गलती और बैंक अकाउंट साफ! ऑनलाइन बांसुरी मंगाना रिटायर्ड शिक्षक को पड़ा भारी, जानें कैसे हुआ फ्रॉड

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उमरिया: इन दिनों जितना ऑनलाइन खरीदारी और लेनदेन हो रहा है. साइबर फ्रॉड की घटनाएं भी उतनी ही ज्यादा हो रही हैं. थोड़ी सी असावधानी से बड़ा नुकसान हो जाता है. ताजा मामला उमरिया के नौरोजाबाद से आया है. यहां एक रिटायर्ड शिक्षक के बांसुरी के शौक के चलते उनके खाते से लाखों रुपए का ऑनलाइन फ्रॉड हो गया. उनको क्या मालूम था कि साधारण सी दिखने वाली इन बांसुरी के लिए 2.50 लाख रुपए का फटका पड़ सकता है.

रिटायर्ड शिक्षक ठगी का शिकार

नौरोजाबाद के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक राजाराम चौहान बांसुरी बजाने के शौकीन हैं. उन्होंने चेन्नई की एक कंपनी से 4 बांसुरियां ऑनलाइन मंगवाई थी. इसके लिए राजाराम चौहान ने जैसे ही बांसुरी मंगवाने का ऑर्डर किया, उनके व्हाट्सएप पर रसीद आई और साथ में कूरियर को ट्रैक करने के लिए नंबर भी आया. यहां तक सब कुछ ठीक था, लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब तय समय के बाद भी उनका पार्सल नहीं पहुंचा, तो उन्होंने पार्सल की पोजीशन जानने के लिए उस लिंक को खोला.

एक क्लिक और खाते से निकल गई रकम

इस लिंक पर क्लिक करते ही ठगी का सारा खेल शुरू हुआ. लिंक से उनको एक मोबाइल नंबर मिला, जिस पर उन्होंने पार्सल की जानकारी लेने के लिए कॉल किया. दूसरी तरफ फोन उठाने वाले ने खुद को कूरियर कंपनी का कर्मी बताया और कहा कि पार्सल में लिखा मोबाइल नंबर गलत है. नंबर ठीक कर देते हैं, उसके लिए एक छोटी सी प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

ठग ने भरोसे में लेकर ली बैंक की डिटेल

रिटायर्ड शिक्षक राजाराम उसकी बातों में आ गए. इसके बाद ठग ने उन्हें सबसे पहले नया मोबाइल नंबर दिया, जिससे उसने एक लिंक भेजा. उस लिंक पर क्लिक कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने निर्देश दिए. ये सारी बातें इतनी सामान्य अंदाज में कही गई कि शिक्षक को सब कुछ सही लग रहा था. इसके बाद अपनी बातों के जाल में फंसाकर ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक के एटीएम कार्ड की 16 अंकों की संख्या और कार्ड के पीछे लिखा सीवी नंबर भी पूछ लिया. शिक्षक ने बेहिचक सारी जानकारी उन्हें भरोसा करके दे दी. उधर से आश्वासन मिला अब सब ठीक है. पार्सल समय पर मिल जाएगा, पार्सल भी पोस्ट ऑफिस में पहुंच भी गया.

एटीएम कार्ड ब्लॉक करने से पहले निकली रकम

लेकिन पार्सल के बहाने असली खेल तो उनके खाते में हो चुका था. कुछ समय बाद बैंक से फोन आता है कि उनके खाते से ढाई लाख रुपए निकल चुके हैं. यह सुनते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्होंने तुरंत एटीएम ब्लॉक कराया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. ठग उनके खाते से रकम साफ कर चुके थे. इस घटना के बाद परिवार ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. थाना नौरोजाबाद और जिला साइबर सेल ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी गई है.

अनजान से शेयर न करें गोपनीय बैंक जानकारी

थाना प्रभारी बालेंदु शर्मा ने कहा, “ये फर्जी लिंक के जरिए की गई ठगी है. आरोपी ने भरोसा जीतकर बैंक और कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल की.” उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी अनजान लिंक ना खोलें. ऐसे बहकावे में भी ना आएं. साथ ही अपनी पर्सनल जानकारी किसी से शेयर न करें. खासकर एटीएम कार्ड नंबर, सीवीसी और ओटीपी जैसी जानकारी. अगर कुछ भी ऐसा होता है, तो तुरंत ही इसकी सूचना साइबर सेल में दें.”

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