CG Board: परीक्षार्थियों के लिए बड़ी खबर, बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए मंजूर हुए 2 नए केंद्र; तैयारी हुई पूरी
कोरबा: माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जाने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तारीख नजदीक आ चुकी है. परीक्षा शुरू होने में अब कुछ दिन शेष हैं. ऐसे में परीक्षा आयोजन को सुचारू बनाने की तैयारी अंतिम चरण में है. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा की मार्गदर्शिका जारी की है. इसमें स्पष्ट है कि शहरी क्षेत्र के सरकारी या निजी स्कूलों के छात्रवो-छात्राएं अपने ही स्कूल में परीक्षा नहीं देंगे. उन्हें नजदीक के दूसरे केंद्र में परीक्षा देने की व्यवस्था करनी होगी. इसमें ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को राहत दी गई है.
20 फरवरी से परीक्षा शुरू हो रही है. इसके लिए गोपनीय सामग्री का वितरण किया गया है, दो नए केंद्र भी बनाए गए हैं. जिससे इस बार छात्रों को 50 से 60 किलोमीटर तक की लंबी दूरी का सफर तय नहीं करना पड़ेगा.
अपने स्कूल में केंद्र अध्यक्ष नहीं बनेंगे प्राचार्य
जिस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, वहां के प्राचार्य उसी केंद्र में केन्द्राध्यक्ष नहीं बनाए जाएंगे. इस बार जिले से 10वीं में 12771 और 12वीं में 9516 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे. परीक्षा केंद्र बनाए गए स्कूलों में संसाधन सुविधाओं की कमी भी दूर की जा रही हैं, ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा न हो. बोर्ड परीक्षा में 10वीं के लिए 98 तो 12वीं कक्षा के लिए जिले के 96 स्कूलों को केंद्र बनाया गया है. परीक्षा के दौरान केन्द्राध्यक्ष कौन होगा, इसके लिए मार्गदर्शिका तैयार कर ली है. इसका पालन जिला शिक्षा विभाग कर रहा है. केंद्राध्यक्षों की सूची को भी अंतिम रूप दे दिया है. जिन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया है, उनमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों में केन्द्राध्यक्ष नियुक्ति करने अलग इसका अलग नियम लागू होगा.
गोपनीय सामग्री गर्ल्स स्कूल साड़ा में 16 बांटी गई
वर्ष 2026 की हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षाओं के लिए गोपनीय सामग्री का वितरण 16 फरवरी को गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल साडा कोरबा में कर दिया गया है.
बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं में से कोई ऐसा छात्र, जो किसी स्कूल के विषय शिक्षक या प्राचार्य जो पर्यवेक्षक या केन्द्राध्यक्ष बनाए गए हैं, उनका रिश्तेदार होगा तो इस स्थिति में केंद्र का प्रभार बदलना पड़ेगा. दूसरी ओर से कोई भी शिक्षक या प्राचार्य अपनी पहुंच का लाभ लेकर मनचाहे केंद्र का प्रभारी नहीं बन पाएगा.
इसके लिए केन्द्राध्यक्षों का चयन मेन्युअली नहीं, वरन कम्प्यूटर के माध्यम से किया जाएगा. हालांकि इसमें जो जानकारी बीईओ और डीईओ के माध्यम से सिस्टम में अपलोड होगी, उसी के अनुसार कम्प्यूटर सूची तैयार करेगा.
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