Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सतना जिला अस्पताल में बड़ा नियम उल्लंघन: पीएम हाउस में घुसाई गईं स्कूली छात्राएं, सामने कराया गया पो... सागर यूनिवर्सिटी और महार रेजीमेंट की नई पहल: अग्निवीरों के लिए शुरू होगा 'ड्रोन टेक्नोलॉजी' कोर्स, न... भोपाल में 80 हजार दुकानों पर मंडराया संकट: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 5 लाख लोगों का रोजगार खतरे में; ... सागर कॉन्वेंट स्कूल विवाद: पहचान पत्र पर आदिवासी नाम मिलने से भड़का गुस्सा; प्राचार्या सिस्टर केथरिन... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... शिवपुरी में वन विभाग का पिंजरा फेल, ग्रामीणों का 'देसी जुगाड़' हिट: चंदे के बकरे से 24 घंटे में कैद ... JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में जनसेवा को बताया सबसे बड़ी...

Haryana Drug Crisis: हरियाणा में नशा तस्करी के मामलों में 81% का उछाल, महज 45 दिनों में 29 केस दर्ज; पुलिस अलर्ट

28

हिसार जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के बावजूद मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में 15 फरवरी तक नशा तस्करी के 16 मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस वर्ष इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 29 तक पहुंच गई है। आंकड़ों के अनुसार यह लगभग 81 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिले में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले गिरोह सक्रिय हैं और ड्रग पैडलर खुलेआम सप्लाई में जुटे हुए हैं। पहले पीरांवाली और आंबेडकर बस्ती को नशा बिक्री के प्रमुख केंद्र माना जाता था, लेकिन प्रशासनिक सख्ती के बाद तस्करों ने अपने ठिकाने बदल लिए हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि कई आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग इस अवैध धंधे से जुड़ रहे हैं। जेल से जमानत पर छूटे या सजा पूरी कर बाहर आए कुछ आरोपी कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लालच में नशा तस्करी की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे कई आरोपियों पर पहले से दर्जनों मामले दर्ज हैं।

एंटी नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज इंद्र सिंह ने बताया कि केवल छोटे ड्रग पैडलरों को पकड़ने से समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय माफिया तक पहुंचने की है। इसके लिए लगातार छापेमारी और गहन पूछताछ की जा रही है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.