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सागर कॉन्वेंट स्कूल विवाद: पहचान पत्र पर आदिवासी नाम मिलने से भड़का गुस्सा; प्राचार्या सिस्टर केथरिन ने आरोपों को नकारा

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सागर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई स्थित होली कॉन्वेंट स्कूल में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात्रि उस समय भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब धर्म परिवर्तन (धर्मांतरण) के संदेह में दर्जनों हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर में प्रविष्ट होकर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने “जय श्रीराम” और “धर्म परिवर्तन बंद करो” के नारे लगाते हुए समूचे परिसर को घेर लिया। यह हंगामा लगभग 4 घंटे तक अनवरत चलता रहा, जिसके उपरांत स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

⛪ नन बनने के कार्यक्रम के दौरान पहुंची भीड़, पुलिस अधिकारियों के सामने रखी जांच की मांग

प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग 10 बजे स्कूल के आंतरिक परिसर में नन बनने की धार्मिक परंपरा से जुड़ा एक विशेष कार्यक्रम संचालित हो रहा था।

इसी दौरान स्कूल के मुख्य द्वार पर बाहरी लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी। देखते ही देखते उत्तेजित युवक नारेबाजी करते हुए स्कूल परिसर के भीतर तक दाखिल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही देहात व शहरी थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में ही कमरों में ठहरे बाहर से आए व्यक्तियों से प्रत्यक्ष पूछताछ व मुलाकात करने की मांग रखी।

🪪 पहचान पत्रों में आदिवासी नाम मिलने से गहराया संदेह, पुलिस अधिकारियों संग हुई नोकझोंक

कमरों में ठहरे महिला-पुरुषों ने प्रारंभिक पूछताछ में स्वयं को दीर्घकाल से ईसाई धर्म का अनुयायी बताया।

तथापि, उनके पहचान पत्रों (आइडेंटिटी प्रूफ) पर मूल नाम आदिवासी समुदाय के दर्ज होने के कारण हिंदू संगठनों का संदेह और अधिक गहरा गया। जब पुलिस अधिकारियों ने सभी पक्षों को बाहर चलकर शांतिपूर्वक वार्ता करने का परामर्श दिया, तो प्रदर्शनकारी असहमत रहे। इस दौरान शहरी थाना प्रभारी तथा प्रदर्शनकारी युवकों के मध्य तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए बीना एसडीओपी अजय कुमार सरकार, नायब तहसीलदार, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) तथा बीआरसी भी संयुक्त दल के साथ मौके पर पहुंचे।

💥 पीछे के गेट पर हुई मारपीट, प्राचार्या सिस्टर केथरिन ने धर्मांतरण के आरोपों को बताया निराधार

हंगामे के मध्य पुलिस ने प्रशासनिक वार्ता हेतु कुछ प्रतिनिधियों को परिसर के भीतर बुलाया।

इसी दौरान स्कूल के पिछले मुख्य द्वार पर परिस्थितियां बिगड़ गईं, जहाँ स्थिति का जायजा लेने पहुंचे ईसाई समुदाय के एक युवक के साथ मारपीट की घटना भी प्रकाश में आई। दूसरी ओर, स्कूल की प्राचार्या सिस्टर केथरिन ने लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमारी 3 सिस्टर नन बनने जा रही हैं, जो हमारे समाज हेतु एक अत्यंत पवित्र आयोजन है। इसमें सम्मिलित होने हेतु केवल नन बनने वाली सिस्टरों के परिजन ही स्कूल परिसर में ठहरे हुए हैं। धर्म परिवर्तन जैसी कोई भी गतिविधि यहाँ संचालित नहीं हो रही है।”

🚓 बीना SDOP अजय कुमार सरकार का बयान, पुलिस व शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच जारी

बीना एसडीओपी (SDOP) अजय कुमार सरकार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि समय रहते स्थिति को पूर्ण रूप से नियंत्रण में कर लिया गया है।

वर्तमान में पुलिस प्रशासन तथा शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम द्वारा इस समूचे प्रकरण के प्रत्येक कानूनी और व्यावहारिक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। निष्पक्ष जांच के उपरांत जो भी तथ्यात्मक निष्कर्ष सामने आएंगे, उसी के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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