SAD Election Campaign: सुखबीर बादल का बड़ा दांव, पंजाब में अकाली सरकार बनने पर मिलेगी ₹3100 बुढ़ापा पेंशन
गुरदासपुर जिले में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने “पंजाब बचाओ रैली” की शुरुआत की। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के लोगों के लिए बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनने पर बुढापा पैंशन बढ़ाकर 3100 रुपये प्रति माह कर दी जाएगी। इसके साथ ही 4 रुपये किलो आटा और 20 रुपये किलो दाल स्कीम सरकार के आते ही पहले दिन से शुरू कर दी जाएगी। वहीं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 1 लाख रुपये की सहायता देने का भी वादा किया गया।
उन्होंने युवाओं को कारोबार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण देने की घोषणा की, जिसे 10 साल में चुकाया जा सकेगा। हर विधानसभा क्षेत्र में एक मेरिटोरियस स्कूल खोलने, वहां मुफ्त पढ़ाई देने और विश्वविद्यालयों में मेरिटोरियस स्कूल के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की बात भी कही गई। इसके अलावा हर जिले में मेडिकल कॉलेज, वेटरिनरी कॉलेज और स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का आश्वासन दिया गया।
बादल ने ये भी ऐलान किया कि सत्ता में आने पर पंजाब में सरकारी नौकरियां सिर्फ पंजाबियों को ही देने का कानून लाया जाएगा। साथ ही उद्योगों को सरकारी सुविधाएं तभी मिलेंगी जब वे कम से कम 75 प्रतिशत नौकरियां पंजाब के युवाओं को देंगे। उन्होंने ऐलान किया कि जिन किसानों के पास ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं है, उन्हें सरकार बनने के पहले सप्ताह में ही कनेक्शन दे दिए जाएंगे। पंजाब में बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध मजबूत करने और सीमा क्षेत्र की सरकारी जमीन पर लंबे समय से खेती कर रहे किसानों को मालिकाना हक देने की भी बात कही गई।
बादल ने वर्ल्ड कबड्डी कप और कुश्ती के वर्ल्ड कप दोबारा शुरू कराने की घोषणा की। पशु मेले, घुड़दौड़ मैदान और कबूतरबाजी प्रतियोगिताएं आयोजित करने तथा विजेताओं को बड़े नकद पुरस्कार देने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है और उनकी सरकार बनने पर गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अपराधियों की संपत्ति जब्त करने और उन्हें आसानी से जमानत न मिलने देने के लिए कानून बनाने की बात भी कही गई। रैली में बादल ने दावा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर पंजाब के विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देगी।
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