Men’s Skincare: चेहरे पर ज्यादा ऑयल और बड़े पोर्स से हैं परेशान? जानें पुरुषों को क्यों चाहिए एक्स्ट्रा स्किन केयर
स्किन केयर की बात आए तो पुरुषों में बहुत कम होते हैं जो त्वचा की देखभाल के लिए कोशिश करते हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पुरुषों की स्किन पर ज्यादा ऑयल बनता है और पोर्स भी बड़े होते हैं. ऐसे में डल स्किन या डार्कनेस का आना कॉमन है. धूल-मिट्टी, पॉल्यूशन, बिजी या बिगड़ हुआ लाइफस्टाइल, ऐसी और भी कई वजहें हैं जिनकी वजह से हर किसी की स्किन समय से पहले बूढ़ी नजर आने लगती है. रोजाना धूप में निकलना, पसीना, लंबे समय तक काम और शेविंग के कारण पुरुषों की स्किन को नुकसान पहुंचता है. वैसे आजकल चारकोल, एलोवेरा, हायोल्यूनिक एसिड, टी ट्री ऑयल, सैलिसिलिक एसिड, विटामिन सी और राइस वाटर से ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाए जा रहे हैं. ये चीजें बेस्ट रिजल्ट दे सकती हैं.
लेकिन अगर हाइड्रेशन, ऑयल कंट्रोल, डी-टैनिंग, एक्सफोलिएशन और सन प्रोटेक्शन जैसे नेचुरल तरीके आजमाए जाए तो स्किन का ज्यादा बेहतर ख्याल रखा जा सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि क्यों पुरुषों की स्किन को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है और किस तरह बेहतर ख्याल रखा जा सकता है.
पुरुषों की स्किन को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत
पसीना, गर्मी और धूल जमने जैसी दिक्कतों की वजह से पोर्स बंद हो जाते हैं जिससे डलनेस, टैनिंग, ब्लैकहेड्स और अनइवन टोन की कंडीशन बनने लगती है. दूसरी तरफ शेविंग और हेयर ग्रूमिंग की वजह से पतले कट, रेडनेस और खुजली होने लगती है. वैसे पुरुषों की स्किन के डैमेज होने का बड़ा कारण देखभाल में कमी या केयर न करना है. हर समय बाहर रहने की वजह से भी स्किन को नुकसान पहुंचता है. चलिए बताते हैं कि पुरुष किन तरीकों को आजमाकर त्वचा की बेहतर देखभाल कर सकते हैं.
क्लींजिंग का तरीका
जिन पुरुषों के चेहरे पर ज्यादा ऑयल आता है उन्हें चारकोल से बने फेस वॉश का यूज करना चाहिए. इससे बने ब्यूटी प्रोडक्ट से चिकनापन और पॉल्यूशन रिमूव होता है. दरअसल, चारकोल की हेल्प से पोर्स में जमी गंदगी बाहर आती है. जिनकी ड्राई स्किन है उन्हें एलोवेरा से बने क्लींजर या राइस वाटर से बने प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए. रोज की गई क्लींजिंग से पोर्स में गंदगी नहीं जमती है और स्मूद शेविंग भी हो पाती है.
स्क्रबिंग भी है जरूरी
जिन पुरुषों को अनइवन टोन, ब्लैकहेड्स और रफ टेक्सचर की शिकायत हो उन्हें डी-टैन स्क्रब करनी चाहिए. टी ट्री ऑयल या सैलिसिलिक एसिड की मदद से पोर्स टाइट होती है और एक्ने वाले एरिया पर बैक्टीरिया पनप नहीं पाता. आराम से की गई स्क्रब से डेड स्किन सेल्स का हटना, सर्कुलेशन में सुधार और प्रोडक्ट्स के अच्छे से एब्जॉर्ब जैसे फायदे मिलते हैं. जो लोग ज्यादा देर के लिए धूप के कॉन्टेक्ट में रहते हैं उन्हें स्क्रब करने से टैन रिमूव और ब्राइट स्किन मिल पाती है.
फेस पैक
बहुत कम पुरुष होते हैं जो चेहरे पर फेस पैक को लगाते हैं. हफ्ते में एक बार भी डी-टैन फेस पैक लगा लिया जाए तो ऑयली स्किन करने वाले सीबम को कंट्रोल किया जा सकता है. खासतौर पर जो पुरुष ज्यादा समय बाहर बिताते हैं उन्हें फेस पैक जरूर लगाना चाहिए.
सीरम का इस्तेमाल
बीते कुछ समय में सीरम का इस्तेमाल काफी बढ़ा है क्योंकि ये पिगमेंटेश और टैनिंग जैसी कई स्किल प्रॉब्लम्स को कम करने में कारगर है. इसे विटामिन सी समेत कई दूसरे पोषक तत्वों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है. विटामिन सी से स्किन में ब्राइटनेस आती है और टाइटनिंग बेनिफिट भी मिलता है. दूसरी तरफ ग्रीन टी वाला फेस सीरम ऑयल कंट्रोल बेनिफिट देता है.
सन प्रोटेक्शन का ध्यान रखें
अगर आप रूटीन फॉलो कर रहे हैं और सन प्रोटेक्शन का ध्यान नहीं दे रहे हैं तो सब बेकार साबित हो सकता है. लाइटवेट एसपीएफ 50 सनस्क्रीन का यूज करें क्योंकि ये न सिर्फ डी-टैन करती है बल्कि इससे डार्क स्पॉट्स भी दूर होते हैं.
स्किन टाइप के हिसाब से चुनें ब्यूटी प्रोडक्ट्स
ऑयली स्किन के लिए चारकोल, टी ट्री ऑयल, सैलिसिलिक एसिड और ग्रीन टी वाले प्रोडक्ट्स
ड्राई स्किन पर एलोवेरा जेल, ह्यलुरोनिक एसिड और क्रीम-बेस्ट फॉर्मूला प्रोडक्ट्स
कॉम्बिनेशन स्किन पर विटामिन सी, ग्रीन टी, हयालूरोनिक एसिड और बैलेंस जेल टेक्सचर वाले प्रोडक्ट्स
एक्ने-प्रोन स्किन पर चारकोल, टी ट्री ऑयल, सैलिसिलिक एसिड और लाइटवेट जेल्स का यूज करना चाहिए.
मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें
मॉइस्चराइजिंग, स्किन केयर का सबसे जरूरी पार्ट है. मॉइस्चराइज करने से स्किन ऑयली नहीं होती बल्कि ये ऑयल प्रोडक्शन को कंट्रोल करने का सबसे बढ़िया तरीका है. ह्यलुरोनिक एसिड के फॉर्मूले से बने जेल वाले मॉइस्चराइजर स्किन में नमी को पूरे दिन बरकरार रखते हैं. शेविंग या बियर्ड ग्रूमिंग की वजह से कट या जलन है तो नेचुरल मॉइस्चराइजर एलोवेरा को लगाना बेस्ट रहता है. रोजाना मॉइस्चराइजर लगाने से स्किन में टाइटनेस आती है और प्रीमेच्योर डलनेस से बचा जा सकता है.
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