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Khandwa News: खंडवा में गौशाला बनी शमशान, भूख-प्यास से 16 गायों की मौत; मैदान में बिखरे मिले शव

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खंडवा: देश भर में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की जा रही है. जिनके हाथ में गायों की देखभाल का जिम्मा है, वहां जिस तरह गायों की दुर्गति हो रही है, यह देखकर हर किसी की आंखों से आंसू निकल आएंगे. हम बात कर है खंडवा के धरमपुरी गांव के पास बनी गौशाला की. यहां भूख प्यास से कई गायों ने दम तोड़ दिया है. उनके शव गौशाला में सड़ रहे हैं. जिम्मेदारों ने गायों के शवों को विधिवत दफनाने के बजाए खुले मैदान में फेंक दिया है. यहां करीब 16 गायों के शव पड़े मिले हैं.

भूख-प्यास से मर रही गायें

धरमपुरी गांव के रहने वाले रोहित ठाकुर ने बताया कि गांव से करीब 5 किमी दूर नंद किशोर गौशाला है. यहां गाय का शव कई दिनों से पड़ा हुआ है, जो यहां पड़े-पड़े आधा सड़ चुका है. लेकिन किसी भी जिम्मेदार ने शव को दफनाने की जहमत नहीं की.” आगे उन्होंने बताया कि गौशाला के पास मैदान में करीब 16 गायों के शव पड़े हैं. इनकी मौत कुछ ही दिन पहले हुई है.”

ग्रामीणों ने पुलिस से की शिकायत

ग्रामीण अनुरुद्ध सिंह व अन्य ग्रामीणों को जब इसका पता चला तो उन्होंने वीडियो बनाकर जावर थाने में ​शिकायत कर दी. इसके बाद गौशाला पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई. लोगों ने गौशाला प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा ​कि “गौशाला में गायों की देखरेख में लापरवाही की जा रही है. उन्हें न तो समय पर चारा दिया जा रहा है, न ही पीने के लिए पानी दे रहे हैं. जिस कारण गायों की लगातार मौतें हो रही हैं.”

दफनाने के बजाए फेंके शव

अनुरुद्ध ने कहा, “गायों के शवों को दफनाने के बजाए पास ही मैदान में फेंक दिए गए है. यहां करीब 16 गायों के शव के पड़े हुए हैं. उनकी मौत कुछ ही दिन पहले हुई थी.” ग्रामीणों का कहना है कि गाय को माता मानकर पूजा जाता है. मौत होने पर शव को गड्ढा खोदकर दफनाया जाता है, लेकिन यहां गौशाला संचालक व कर्मचारियों ने शवों को दफनाया नहीं, बल्कि मैदान में फेंक दिया है. ​जिन्हें अब कुत्ते नोंच रहे हैं और शव सड़ गए हैं.”

टीआई और एसआई ने लिया जायजा

सूचना पर जावर थाने से टीआई श्याम सिंह भादले और एसआई राजेंद्र राठौर पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने गौशाला का जायजा लिया. इसके पास मैदान में पड़े गाय के शवों को भी देखा. यहां पूछताछ में गौशाला की देखरेख कर रहे आ​शिष बरोले ने कहा, “2 गाय मरी हैं. कर्मचारी नहीं था इसलिए यहां मैदान में फेंक दिया.” इस पर थाना प्रभारी इतना ही बोले कि अब से ध्यान रखना. गाय के शव दफनाना और उसकी जानकारी भी थाने में देना.

संचालक ने कहा 2 गाय मरी

गौशाला संचालक दीपक बरोले का कहना है कि “गौशाला में गाय को देखभाल के लिए आदमी है. अभी एक 2 गाय मरी हैं, जो गाय के शव पड़े हैं वो पुराने हैं. गाय की मरने की सूचना ऑनलाइन देते हैं.” हालांकि, वे यह नहीं बता पाए कि गायों को दफनाने की बजाए फेंका क्यों गया. उनके साथी का कहना था कि गायों के शव ग्रामीणों द्वारा मैदान में फेंके गए हैं.”

दफनाने के लिए कर्मचारी नहीं था बताया

जावर थाना प्रभारी श्याम सिंह भादले ने बताया, “सरपंच और ग्रामीणों द्वारा शिकायत की थी कि गांव के पास संचालित गौशाला में गायों की मौतें हो रही है. दफनाने वाला कर्मचारी नहीं था, इसलिए समय पर नहीं दफनाया गया ऐसा बताया गया है. गौशाला संचालक को ठीक से गायों की देखभाल करने के लिए कहा है.”

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