Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Noida Extension Traffic Jam: गौर सिटी गोलचक्कर और एक मूर्ति चौक पर रेंगते नजर आए वाहन, स्थानीय लोग प... UGC Equity Regulation 2026: बीजेपी नेता राजेश मिश्रा ने यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग, बत... Maharashtra Murder Mystery: इंजीनियरिंग छात्रा तरन्नुम नाइक की सनसनीखेज हत्या, आरोपी प्रेमी गिरफ्तार Tushar Gandhi Detained: अगस्त क्रांति मैदान जा रहे तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने रोका, अभिनेता इमरान... Dhamtari Social Service: जिनकी पहचान नहीं, उनके अपने बने लोग, 717 अज्ञात शवों के निमित्त हुआ विधि-वि... Durg Cyber Crime: मतदाता सूची (SIR) सुधार के नाम पर भिलाई में साइबर ठगी, निजी कंपनी अधिकारी से 6.25 ... Bastar Dussehra 2026: काछनगादी रस्म के साथ शुरू हुआ बस्तर दशहरा, कांटों के झूले पर बैठीं देवी से मिल... Kanker Navratri 2026: कांकेर में रास गरबा की भव्य तैयारी, नए कम्युनिटी हॉल में सजेगा 9 दिवसीय उत्सव Satbahini Village Dacoity: झारखंड के पलामू में बदमाशों का आतंक, पुलिसकर्मी के घर से जेवरात और नकदी ल... Ranchi News: रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने किया नमो जीवन रक्षक 'रक्षित' बाइक एंबुलेंस का लोकार्पण, ज...

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर मचा कोहराम! 31 जनवरी की डेडलाइन से पहले टोकन बंद, गुस्साए किसानों का चक्काजाम; कहीं करोड़ों का घोटाला

25

रायपुर। प्रदेश में धान खरीदी के अंतिम दौर में समितियों की कार्यप्रणाली किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। प्रदेश की कई समितियों में धान का उठाव नहीं होने से खरीदी केंद्र जाम हो गए हैं। किसानों को अब टोकन मिलना भी बंद हो गया है। भौतिक सत्यापन से किसान आक्रोशित हैं।

किसानों का कहना है कि धान खरीदी की प्रक्रिया में वे पहले ही कई स्तर की जांच से गुजर चुके हैं। खेतों की गिरदावरी, पटवारी द्वारा रेंडम जांच, एग्री-स्टेक पोर्टल में पंजीयन, समिति में कैरी फॉरवर्ड और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद धान खरीदी केंद्र तक पहुंचता है। इसके बावजूद अब शेष बचे किसानों को टोकन जारी करने से पहले समिति प्रबंधक और कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा फिर से भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।

किसानों का क्या है आरोप

किसानों का आरोप है कि बार-बार की जांच और स्पष्ट आदेशों के अभाव में समिति प्रबंधक टोकन काटने से बच रहे हैं। इससे धान खराब होने का खतरा बढ़ गया है। रायपुर के खौनी समिति के प्रबंधक और कृषि विस्तार अधिकारी बुधवार को किसानों के कोठारों में भौतिक सत्यापन करने पहुंचे थे, जहां विरोध का सामना करना पड़ा था।

कोड़ागांव जिले में धान खरीदी बंद करने के खिलाफ किसान सड़क पर उतर आए थे। उन्होंने हाइवे पर तीन किमी लंबा जाम लगा दिया था।

बता दें कि प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए 15 नवंबर 2025 से धान खरीदी चल रही है। इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी है। प्रदेश में 22 लाख से ज्यादा पंजीकृत किसान हैं। राज्य सरकार का दावा है कि प्रदेशभर में संचालित सभी 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित, डिजिटल निगरानीयुक्त और पूर्णतः पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है।

अधिकारियों का क्या कहना

जितेंद्र शुक्ला, एमडी, छत्तीसगढ़ कोआपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन का कहना है कि “धान खरीदी की प्रक्रिया निरंतर जारी है, जो अंतिम समयसीमा 31 तक चलेगी। सभी पात्र किसानों से धान खरीदी होगी। सभी जिलों में कलेक्टरों को निगरानी और खरीदी प्रक्रिया सामान्य करने के निर्देश दिए गए हैं।”

आठ करोड़ रुपये का धान जब्त

जांजगीर-चांपा में विकासखंड नवागढ़ के ग्राम पंचायत नेगुरडीह स्थित श्री हरि राइस मिल में खाद्य विभाग की टीम ने 15 जनवरी को छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संग्रहित 56 हजार 417 बोरी धान जब्त किया गया, जिसका कुल वजन 22 हजार 566.80 क्विंटल है। जब्त धान की अनुमानित बाजार कीमत लगभग छह करोड़ 99 लाख 57 हजार रुपये आंकी गई है।

वहीं, सूरजपुर जिले के चंदौरा गांव में प्रदीप जायसवाल के पोल्ट्री फार्म पर छापेमारी की गई, जहां से सवा करोड़ की धान जब्त की गई।

बेमेतरा में 17 करोड़ का 53,639 क्विंटल धान गायब

बेमेतरा के धान संग्रहण केंद्र से 17 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ है। धान संग्रहण केंद्र सरदा और लेजवारा में पिछले वर्ष रखे धान और उठाए गए धान के बीच भारी अंतर पाया गया है।

संग्रहण केंद्र में कुल 65,287 क्विंटल धान होना चाहिए था, जबकि केवल 11,648 क्विंटल ही मौजूद पाया गया। जिला खाद्य अधिकारी ओंकार सिंह ठाकुर ने संग्रहण केंद्र के निरीक्षण में 53,639 क्विंटल धान की कमी पाए जाने की पुष्टि की है। 53,639 क्विंटल धान का अनुमानित मूल्य लगभग 17 करोड़ रुपये है।

वहीं जिला विपणन अधिकारी निशा फ्यूक का कहना है कि अभी पुराने धान का उठाव चल रहा है। संग्रहण केंद्र प्रभारियों को कार्यालय व्यवस्था के तहत हटाया गया है। पूरी तरह धान उठाने के पश्चात ही स्थिति स्पष्ट होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.