Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने 4 ग्रामों में VHSND सत्रों का किया निरीक्षण, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओ... हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिले में विभिन्न आयोजन होंगे व्यापक, जनभागीदारी के साथ आयोजन के दिए निर्द... कवर्धा में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख के जाली नोट, टाटा पंच EV कार और प्रिंटर के साथ 3 ग... पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के...

भारत में पहली बार! इस अनोखे अंदाज में दिखाई जाएगी ‘महाभारत’, डांस-म्यूजिक और आर्ट फॉर्म से जीवंत होगा हर किस्सा

24

भोपाल: बीआर चोपड़ा के धारावाहिक महाभारत की याद तो होगी आपको, जिसके जरिए आम लोग भी इस महागाथा के चरित्रों से रुबरु हुए थे. लेकिन अब महाभारत भारत की कला और संस्कृति के हर रूप में दिखेगा. भोपाल में शुक्रवार से अगले नौ दिन महाभारत के इस समागम में पूरे देश की अलग-अलग कला विधाओं में महाभारत के प्रसंग मंच पर उतरेंगे. और कैनवास पर दिखाई देगा, महाभारत काल का हर प्रसंग.

युद्ध केवल जीत हार नहीं देते, वो सभ्यताएं नष्ट कर जाते हैं. वीर भारत न्यास के आयोजन की थीम ये है कि जब दुनिया के कई देश युद्ध की विभीषिका में हैं तब ये संदेश बेहद प्रासंगिक है कि अहिंसा का मार्ग क्यों जरूरी है. युद्ध जरूरी है अगर तो उसका खामियाजा किस रूप में आसने आते हैं, इस समागम में ये पन्ने भी खोले जाएंगे. केवल भारत, इंडोनेशिया, जापान और श्रीलंका के कलाकार महाभारत को मंच पर रचेंगे. इस नौ दिन के आयोजन में महाभारत को युद्ध स्थल से कहीं आगे समझने का प्रयास होगा.

महाभारत केवल एक युद्ध की गाथा नहीं, आने वाली पीढ़ियों को सबक

“महाभारत का सार और श्री कृष्ण के संदेश आज भी सामयिक हैं. दुनिया भर के अलग-अलग हिस्सों में जब हम युद्ध की विभीषिका को देख रहे हैं तो महाभारत के जरिए ये समझने की जरूरत है कि युद्ध हमें क्या दे जाते हैं. कौन से परिणाम हैं जिन्हें फिर आगे आने वाली पीढ़ियों को भुगतना होता है.”तिवारी कहते हैं, महाभारत में श्री कृष्ण के संदेश देखें तो पहला प्रयास उनका मानवता के हक में था और युद्ध के विरोध में. लेकिन जब युद्ध निश्चित हो गया तो फिर उन्होंने अर्जुन से कहा, सामने सगे-संबधी हों हाथ नहीं कांपने चाहिए. महाभारत में एक युद्ध रणभूमि पर था लेकिन कितने युद्ध मन के भीतर चल रहे थे.

पीटर ब्रुक की महाभारत भी दिखाई जाएगी

श्री राम तिवारी कहते हैं, “आज से भोपाल के भारत भवन में शुरू हो रहा महागाथा महाभारत असल में नौ दिन तक चलने वाला देश का पहला ऐसा समागम है, जिसमें महाभारत के हिस्से और किस्से देश की अलग-अलग कला और सांस्कृतिक विधाओ में सामने होंगे.

विषय एक है महाभारत. वो नाट्य रूप में भी मंचित होगा और नृत्य नाटिकाओं में भी. लेकिन सबसे बड़ा आकर्षण होगा पीटर ब्रुक की महाभारत. जो असल में 1985 में तैयार हुआ एक नाटक था. बाद में 1989 में फिल्म में तब्दील हुआ. नौ घंटे में तैयार हुआ ये स्टेज प्रोडक्शन जिसमें महाभारत को आज के दौर के हिसाब से तब्दील किया गया.

भारत भवन के रंगमंडल का हिस्सा रहे थियेटर आर्टिस्ट अनूप जोशी बंटी बताते हैं, “ये इत्तेफाक है कि जिस भारत भवन में महाभारत महागाथा में पीटर ब्रुक की महाभारत फिल्म प्रदर्शित होने जा रही है. वहां उन्होने खुद निर्देशन भी किया है.”

भारत नहीं दुनिया के ये देश भी मंच पर महाभारत रहेंगे

श्री राम तिवारी ने बताया कि इस आयोजन में केवल भारत ही नहीं बल्कि इंडोनेशिया, जापान और श्रीलंका जैसे देशों के ग्रुप भी यहां अपनी प्रस्तुति देंगे. इस तरह से इस समागम में दुनिया की भी भागीदारी होगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.