दुर्ग: जल जीवन मिशन से जुड़े कामों में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है. नवीन वर्मा नाम के ठेकेदार ने ये आरोप लगाया है. ठेकेदार के मुताबिक उसने अमृत जल योजना में काम करने के दौरान एसडीओ को 1 लाख 60 हजार रुपये दिए थे.
ठेकेदार का आरोप
पीड़ित ठेकेदार का आरोप है कि हर बिल पास करने के बदले उसे एसडीओ को 11 प्रतिशत कमीशन देना पड़ता है. नवीन वर्मा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह घुघवा करसा गांव में जल जीवन मिशन के तहत पार्टनर शिप पर काम कर रहा था. साल 2022 से उसने काम शुरू किया. काम पूरा होने के बाद जब 2022 में फर्स्ट बिल लगाया गया तो ईई ने उससे कमीशन की मांग की. पाटन एसडीओ एम ए खान को उसने 1 लाख 60 हजार रुपये कमीशन दिया गया, जिससे उसे ब्याज पर पैसा लेकर दिया.
ठेकेदार का कहना है कि कमीशन देने के बावजूद भुगतान जानबूझकर रोका गया और महीनों तक उसे कार्यालय के चक्कर कटवाए गए. ठेकेदार ने कहा कि इस वजह से वह वर्क्स को भी भुगतान नहीं कर पाया.
ठेकेदार ने बनाया कमीशन लेने का वीडियो
पीड़ित ठेकेदार ने एसडीओ को कमीशन देने का एक वीडियो भी बनाया है. वीडियो में ठेकेदार और उसका साथी पैसे लेकर एसडीओ के पास पहुंचते हैं. जिसमें से कुछ पैसे कम होने पर एसडीओ उनसे तुरंत पैसे देने की बात कहता है. वीडियो एसडीओ ये भी कह रहे है कि इंजीनियर साहब को पैसे देने पड़ते हैं.
पीएचई विभाग के अधिकारी ने कमीशन से किया इंकार
ठेकेदार के कमीशन मांगने के आरोप पर PHE विभाग के EE उत्कर्ष पांडेय ने जल जीवन मिशन में कमीशन के खेल पर पूरी तरह इंकार किया. अधिकारी ने कहा कि पहली बार इस तरह का मामला सामने आया है. जो वीडियो आपने दिखाया है. जिस ठेकेदार ने ये शिकायत की है उनकी नियमित रूप से पेमेंट किया गया है. जिस एसडीओ की शिकायत हुई है इसकी जांच की जाएगी.
जांच का दिया भरोसा
पीएचई विभाग के अधिकारी ने कहा कि वीडियो की जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा. यदि इस तरह का हुआ है तो दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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