चंडीगढ़: हरियाणा ने लिंगानुपात में लंबी छलांग लगाई है। साल 2025 में हरियाणा का लिंगानुपात 923 रिकॉर्ड किया गया है। साल 2024 में लिंगानुपात 910 रिकॉर्ड किया गया था, ऐसे में आठ साल में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। यह मौका हरियाणा की स्थापना होने के बाद दूसरी बार आया है जब लिंगानुपात 923 दर्ज किया गया है। इससे पहले 2019 में भी 923 का आंकड़ा रिकॉर्ड किया गया था।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस साल 7480 बेटियों को कोख में मरने से बचा लिया गया है। 2015 से लेकर अब तक 65,704 बेटियों को बचाया गया है। लिंगानुपात में सबसे बेहतर प्रदर्शन पंचकूला का रहा जहां लिंगानुपात 971 दर्ज किया गया, जबकि 2025 में 915 था। यानी 56 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ के कंसलटेंट जीएल सिंघल ने बताया कि यह एक बड़ी कामयाबी है और यह सब टीम वर्क की वजह से ही संभव हो सका है। इस अभियान के लिए राज्य सरकार ने पहली बार स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गठित की। एसटीएफ ने हर उस बिंदुओं पर शिकंजा कसा, जो लिंगानुपात को गिराने में अहम कड़ी साबित हो रही थी।
स्वास्थ्य विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल के नेतृत्व में गठित एसटीएफ में स्वास्थ्य, महिला व बाल विकास, पुलिस, अभियोजन, चिकित्सा विभाग के अधिकारी शामिल थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 2024 में एक भी जिले का लिंगानुपात 950 से ऊपर नहीं था। पिछले साल यमुनानगर का सबसे उच्च स्तर पर 939 था जबकि इस बार तीन जिलों का लिंगानुपात 950 से ज्यादा गया है। इसमें पंचकूला का 971, फतेहाबाद का 961 और पानीपत का 951 है।हालांकि इस बार जींद व सोनीपत में पिछले साल के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। जींद में एक अंक व सोनीपत में सात अंक की गिरावट दर्ज की गई है। इस बार गर्भपात से संबंधित 154 रेड की गई जिसके तहत 41 केमिस्ट शॉप व 395 गर्भपात केंद्र बंद कराए गए।
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