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विज के श्रम विभाग में उजागर अनियमितताओं पर CM सैनी का सख्त एक्शन, जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित

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चंडीगढ़ : हरियाणा के श्रम विभाग में कार्य पर्चियों के सत्यापन और श्रमिकों के पंजीकरण से जुड़ी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार इस मामले की गहन जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है जो एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दी गई थी परंतु मुख्यमंत्री कार्यालय में ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ था। हालांकि, विभाग द्वारा इस विषय पर एक फाइल प्रस्तुत की गई थी जिसमें मुख्यमंत्री को सूचित किया गया कि विभाग ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है और 13 जिलों की रिपोर्ट तैयार है लेकिन शेष 9 जिलों की रिपोर्ट लंबित हैं। इसलिए विभाग ने सूचित किया कि शेष जिलों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और अगले ही दिन फाइल वापस भेज दी तथा श्रम मंत्री से सभी जिलों की पूर्ण रिपोर्ट, वित्तीय हानि के सही आंकड़ों प्रस्तुत करने को कहा।

हालांकि रिपोर्ट अभी तक लंबित है। यह मुद्दा निर्माण श्रमिकों और श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें मिलने वाले लाभों से संबंधित है। आरोप लगाया गया है कि जिन कार्यों पर उन्होंने श्रम किया था वे सही नहीं हैं। इसलिए उनका भवन निर्माण श्रमिक के रूप में दर्ज होना संदिग्ध प्रतीत होता है। आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने पंकज अग्रवाल, आई.ए.एस. की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है जिसमें राजीव रतन, आई.ए.एस. और पंकज नैन, आई.पी.एस. सदस्य हैं। यह समिति पूरे मामले की जांच कर एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

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