Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

जंक फूड खाने वाले सावधान, पैरों से कुचला जा रहा फ्रेंच फ्राइज, गंदगी देख फूड टीम भी हैरान

12

जबलपुर: खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने जबलपुर में एक फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की है. जहां खाद्य सुरक्षा टीम को फैक्ट्री में गंदगी की भरमार देखने मिली. गंदगी और काम में लापरवाही देखने के बाद खाद्य टीम ने फैक्ट्री को सील कर दिया है. बताया जा रहा है कि जबलपुर में अब तक एक दर्जन से ज्यादा ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां खाने का रेडीमेड सामान बनाने वाली फैक्ट्रियां लापरवाही बरत रही हैं. इस बार मामला फ्रेंच फ्राइज बनाने वाली एक कंपनी का है.

जबलपुर जैनम फूड फैक्ट्री में छापा

फ्रेंच फ्राइज आपने कभी ना कभी जरूर खाए होंगे, लेकिन आपको बिल्कुल अंदाजा नहीं होगा कि इन्हें जिन फैक्ट्री में बनाया जाता है. उन कारखानों में हाइजीन का कितना ध्यान रखा जाता है? जबलपुर के जैनम फूड नाम की एक कंपनी पर खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा. यहां खाद्य विभाग की टीम को जो हालात देखने को मिले, वह किसी भी खाने वाले को परेशान कर सकते हैं.

गंदगी का अंबार देखने मिला

खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि “यहां फ्लोर पर कच्चे फ्रांईन्स को सुखाया जा रहा था. उस फ्लोर पर लोग चप्पल पहनकर चल रहे थे और फ्रेंच फ्राइज ऊपर से भी लोग आ जा रहे थे. ऐसी स्थिति में इसे खाने लायक तो नहीं माना जा सकता. वहीं फैक्ट्री में एक खुले मैदान पर भी पॉलिथीन बेचकर माल सुखाया रहा था. यहां चारों तरफ डस्ट उड़ रही थी और इस बरामदे में कुछ कुत्ते भी घूम रहे थे. ऐसी स्थिति में थोड़ी सी भी हवा चलने पर धूल उड़कर आ सकती है.

फैक्ट्री को बंद करने का नोटिस

अधिकारी देवेंद्र दुबे का कहना है कि फैक्ट्री जिस पैमाने पर उत्पादन कर रही थी. उसके लिए फैक्ट्री को लाइसेंस के साथ रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी था. इसके साथ ही फैक्ट्री में कितना उत्पादन हो रहा है, कहां जा रहा है. इन सब चीजों का लेखा-जोखा होना जरूरी है, लेकिन यहां पर भी यह कारखाना लापरवाही बरत रहा था. फिलहाल इस कारखाने को बंद करने का नोटिस दिया गया है.

इस खाद्य सामग्री के निर्माण में फूड कलर का भी इस्तेमाल किया जा रहा था. यह फूड कलर भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि जो कंपनी सामान्य साफ सफाई का ध्यान नहीं रख रही रासायनिक रंगों का ही इस्तेमाल कर रही होगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.