रांची: झारखंड के चाईबासा में एक गरीब पिता द्वारा अपने चार साल के बेटे के शव को थैले में रखकर गांव ले जाने की बेबसी पर भाजपा ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. दरअसल, चाईबासा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई थी. प्रदेश भाजपा ने इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना करार दिया है. पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस घटना के लिए सरकार को आड़े हाथों लिया है.
सरकार की मर चुकी है संवेदनशीलता – प्रतुल शाहदेव
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह इस घटना के लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार है. दोषी अवसरों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. भाजपा ने आरोप लगाया है कि परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ भी इसी क्षेत्र से आते हैं. लिहाजा, इस घटना की जिम्मेदारी उनको भी लेनी चाहिए. आरोप लगाया गया है कि झारखंड सरकार में संवेदनशीलता मर चुकी है. ऐसे में कार्रवाई की अपेक्षा कैसे की जा सकती है.
बेशर्म सरकार को फर्क नहीं पड़ता- चंपाई सोरेन
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता चंपई सोरेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर घटना की निंदा की है. उन्होंने इसे अमानवीय घटना करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि चाईबासा में बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाया गया था. सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्था की खबरें आए दिन मीडिया में सुर्खियां बन रहीं है. एंबुलेंस की कमी और खाट पर जाते मरीजों की तस्वीरें हर दूसरे दिन वायरल होती हैं, लेकिन इस बेशर्म सरकार को फर्क नहीं पड़ता.
थैले में मासूम का शव ले जाने को पिता मजबूर
दरअसल, यह घटना झामुमो का गढ़ कहे जाने वाले कोल्हान प्रमंडल के चाईबासा जिला की है. नोवामुंडी प्रखंड के बालजोड़ी गांव निवासी डिम्बा चतोम्बा ने अपने 4 वर्षीय मासूम को इलाज कराने के लिए चाईबासा अस्पताल में भर्ती करवाया था लेकिन इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई. इसके बाद गांव तक शव ले जाने के लिए शव वाहन की गुहार लगाई गयी लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी शव वाहन नहीं मिला. ऐसे में लाचार होकर डिम्बा चतोम्बा अपने परिजनों के साथ बच्चे के शव को थैला में रखकर बस में बैठे और गांव जाने को मजबूर हुए. इस दौरान पूरे परिवार के रो रोकर बुरा हाल था.
मंत्री ने कही है जांच के बाद कार्रवाई की बात
इस मामले में चाईबासा के सिविल सर्जन डॉ भारती मिंज ने कहा है कि जिला में एक ही शव वाहन है जो व्यस्त था. परिजनों से कुछ और इंतजार करने के लिए कहा गया था. लेकिन वे नहीं माने और शव को थैले में डालकर चले गये. वहीं स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने ईटीवी भारत को बताया है कि इस मामले की जांच होगी और लापरवाही सामने आने पर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी.
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