गुड़गांव: देश के मजदूरों के साथ विश्वासघात करने वाली भाजपा सरकार तानाशाही करने पर उतर आई है। कांग्रेस ने मजदूरों को आजीविका की गारंटी दी थी। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आजीविका का अधिकार दिया गया था जिसकी भाजपा ने हत्या कर दी है। नागरिक के अधिकारियों की हत्या करने वाली भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस आगे आई है। यह बात ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने कही। वे आज कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश के 12 करोड़ मजदूर जिन्होंने गांधी जी के सपनों के भारत बनाने में भूमिका निभाते हैं उनके अधिकारों की हत्या का प्रयास किया गया है। नरेगा से मनरेगा किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अजय उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम को इस योजना से जोड़ा था, लेकिन भाजपा ने महात्मा गांधी के विचारों को गोली मारी है। भाजपा महात्मा गांधी के नाम को मिटा रहे हैं। कांग्रेस के कार्यकाल में यह एक स्कीम थी, लेकिन भाजपा ने इसे अब एक मिशन बना दिया है। यह सरकार जनता को धोखा दे रही है। इस पूरी योजना में राम जी का नाम तक नहीं है। भाजपा और आरएसएस को जब भी मौका मिलता है वह जनता को धोखा देती है।
मंत्री अनिल विज द्वारा कांग्रेस के पास कोई मुद्दा न होने की बात पर राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने कहा कि गांधी जी के सपनों को तोड़ने वालों को यही दिखेगा। अनिल विज के दृष्टिकोण में खामी है और उन्हें महात्मा गांधी से दिक्कत है। जब मनरेगा का नाम बदला गया है तो इसमें राम जी का नाम कहा हैं। भाजपा सरकार केवल गरीब लोगों के अधिकार को छीन रही है। भाजपा सरकार गांधी से नफरत करते-करते देश के गरीबों से ही नफरत करने लगी।
नेशनल हेराल्ड को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि साल 2014 में जो केस दायर किया गया था उसे 16 दिसंबर को कोर्ट ने खारिज कर दिया। एक प्राइवेट व्यक्ति की शिकायत पर सरकार ने जब्त किया और उसे अपना पेटेंट करा लिया। भाजपा सरकार को लगा था कि इस केस के आधार पर गांधी परिवार को बदनाम किया जा सकता है। सीबीआई और ईडी ने संयुक्त रूप से कोर्ट को लिखित रूप से कहा था कि इस मामले में कोई केस ही नहीं बनता है। यह दर्शाता है कि सरकार केवल गांधी परिवार और विपक्ष को परेशान करने में लगी हुई है। ईडी और सीबीआई का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है।
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा के नाम पर जो बिल लाया गया है उससे इस योजना की हत्या हुई है। यह अब कोई सरकारी योजना नहीं बल्कि मिशन बना दिया गया है। पूरा देश इस बात को लेकर चिंतित है, जो 12 करोड़ लोग मनरेगा से जुड़े हुए हैं वह सभी इससे प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भाजपा सरकार ने कृषि के लिए काला कानून बनाया था और इसका विरोध होने पर कृषि कानून को वापस लेना पड़ा था उसी तरह से अब इस बिल को भी वापस लेना पड़ेगा। इसके लिए लोगों को सड़कों पर आना पड़ेगा। देश की आजादी में महात्मा गांधी का अहम योगदान रहा है। भाजपा महात्मा गांधी के नाम से एलर्जी करती है और यही कारण है कि भाजपा ने मनरेगा स्कीम को बदल दिया।
सुधार बिल के नाम पर जो बदलाव किया गया है इसका सीधा असर राज्य सरकार पर पड़ेगा और इसमें गरीबों को न्याय मिलने में दिक्कत आएगी। भाजपा गरीबों के हक की बात नहीं सोचती इसलिए ही कांग्रेस को विरोध में आना पड़ा है। नेशनल हेराल्ड को लेकर कोर्ट ने जो फैसला सुनाया उससे पूरे देश को एक संदेश मिला कि कांग्रेस जो कहती थी कि सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग हो रहा है वह सच है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को लेकर 21 दिसंबर को कांग्रेस प्रदेश स्तर पर भाजपा कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेगी।
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