Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन? सवाल का RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया ये जवाब

7

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराधिकारी कौन, जब यह सवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत से पूछा गया तो उन्होंने इस बहस में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया. भागवत ने कहा कि देश के अगले प्रधानमंत्री के बारे में विचार-विमर्श और फैसला पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और खुद नरेंद्र मोदी करेंगे.

यह पूछे जाने पर कि पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कौन होगा, मोहन भागवत ने कहा, “कुछ सवाल मेरे दायरे से बाहर हैं. इसलिए इस बारे में मुझे कुछ भी कहना नहीं है.” उन्होंने आगे कहा, “मैं सिर्फ शुभकामनाएं दे सकता हूं, और कुछ नहीं. मोदी जी के बाद कौन, यह खुद मोदी जी और बीजेपी को तय करना है.”

उत्तराधिकार की बहस में शामिल नहीं

चेन्नई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल होने गए भागवत के जवाब को खुले तौर पर इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि संघ का बीजेपी के अंदर उत्तराधिकार की बहस में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने यह बयान 9 दिसंबर को दिया था.

साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अगर भारत को “विश्वगुरु” के रूप में उभरना है तो जाति-आधारित और भाषायी विभाजन को खत्म करना ही होगा. भागवत ने कहा, “हमें RSS को एक लाख या उससे ज्यादा जगहों पर ले जाना है. हमें अपने देश में जाति और भाषायी विभाजन को खत्म करना है और एकता वाला समाज बनाना है.”

जनता के साथ हो संवाद प्रक्रियाः भागवत

संघ प्रमुख भागवत ने कल बुधवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में कहा कि जनता के साथ गहरी संवाद प्रक्रिया होनी चाहिए, क्योंकि आरएसएस की अब तक की यात्रा तथ्यों की तुलना में धारणाओं के जरिए फैली. उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए देशभर में नए-नए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें संघ के स्वयंसेवक लोगों से बातचीत करेंगे. उनके साथ संघ के बारे में सटीक और तथ्यात्मक रूप से जानकारी साझा करेंगे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.