रांची: झारखंड विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के हंगामे के बीच सदन के बाहर जमकर सियासत होती रही. विपक्ष जहां सरकार को छात्रवृत्ति, किसानों की समस्या जैसे मुद्दे पर घेरने की कोशिश की. वहीं सत्तापक्ष भी जवाब देने में पीछे नहीं रहा. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सरकार पर निशाना साधते हुए जमकर बरसे. वहीं मंत्री सुदिव्य कुमार बचाव करते हुए भाजपा पर पलटवार करते दिखे.
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि भाजपा के हमारे मित्र जिस रंग की चश्मे से झारखंड को देखना चाहते हैं, उस रंग को यहां की जनता ने ठुकरा दिया है. उन्होंने कहा कि आज जो छात्रवृत्ति और किसानों के मुद्दे पर रो रहे हैं, उसे वे दिल्ली जाकर समाधान कराने का काम करें. क्योंकि राज्य को जो केंद्रीय करों की हिस्सेदारी मिलनी चाहिए थी, उसमें 10 महीने में मात्र 55 फीसदी हिस्सेदारी मिली है. मंत्री ने कहा कि जो बकाया है, उसका भुगतान कराने में सरकार का सहयोग करना चाहिए.
सबों को इस सरकार ने ठगा है: बाबूलाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हमला बोलते हुए कहा कि चाहे छात्र हो या किसान, मौजूदा सरकार ने सबों को ठगा है. उन्होंने कहा कि पिछले दो-दो वर्ष से छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है. इस वजह से कुछ बच्चे होटल में थाली धो रहे हैं तो कुछ ने पढ़ाई छोड़ दी है. इसमें वे बच्चे हैं जो एससी/एसटी, ओबीसी और गरीब तबके के हैं. उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार कह रही है कि हम नौजवानों के लिए, छात्रों के लिए और किसानों के लिए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस सरकार में सबसे ज्यादा नौजवानों को ठगा जा रहा है और लूटा जा रहा है.
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर किसानों को छलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली बार देर से धान खरीद की शुरुआत हुई और 2300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से ही भुगतान हुआ. जबकि सरकार ने अपनी घोषणा पत्र में 3200 रुपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य देने की बात की थी. उन्होंने कहा कि इस साल की स्थिति तो और खराब है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसान खेत से धान काटकर बाजार में औने पौने दाम में बेचने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि हास्यास्पद की बात यह है कि राज्य सरकार सोयी हुई है और कोई अता पता नहीं है कि किस दर पर वह धान खरीदेगी और कब खरीदेगी.
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