बुरहानपुर: यूपी के बरेली से एक दंपत्ति अपने बेटे के साथ दंडवत यात्रा करते बुरहानपुर पहुंचा है. इस परिवार ने 1 मई 2023 को सनातन धर्म की रक्षा और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की कामना के साथ दंडवत यात्रा की शुरुआत की थी. वे पिछले ढाई साल में 10 राज्यों के मंदिरों और धर्म स्थलों में मत्था टेक चुके हैं. अब वह परिवार मध्य प्रदेश से गुजरते हुए 11वें राज्य महाराष्ट्र में प्रवेश करने वाले हैं. यह यात्रा गुरुवार को बुरहानपुर शहर से होते इच्छापुर गांव पहुंच चुकी थी.
31 महीनों से दंडवत यात्रा कर रहा परिवार
बेटे के साथ दंडवत यात्रा पर निकले बरेली निवासी नरेश गंगवाल ने बताया,”सनातन धर्म की रक्षा और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के मकसद से इस दंडवत यात्रा की शुरुआत की है. यह यात्रा 12 वर्षों तक निरंतर चलेगी. इस दौरान देशभर के प्रसिद्ध मंदिर और धर्मस्थलों की परिक्रमा करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. 1 मई 2023 को इस यात्रा का शुभारंभ गांव के मंदिर से किया था. दंडवत यात्रा करते हुए करीब ढाई साल (31 महीने) हो चुके हैं.”
12 सालों तक निरंतर चलेगी यात्रा
नरेश गंगवाल सड़कों, रास्तों और पगडंडियों से दंडवत होकर गुजर रहे हैं. उनकी इस अनोखी यात्रा में पत्नी सुमित्रा देवी और बेटा प्रहलाद पटेल शामिल है. वह 31 महीने पहले दंडवत यात्रा लेकर निकले थे, “इस यात्रा के दौरान चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग, 18 शक्तिपीठ, अर्धनारीश्वर, वैष्णो माता, अमरनाथ, मेहंदीपुर बालाजी, मथुरा, अयोध्या, गोरखनाथ मंदिर, नेपाल के पशुपतिनाथ तक पहुंचेंगे. यह यात्रा 12 साल तक निरंतर जारी रहेगी. अब तक गंगवाल दंपति ने 7500 किलोमीटर का सफर तय किया है. उन्होंने 10 राज्यों में मत्था टेक कर दर्शन किए हैं.
‘सनातन धर्म की जय जयकार हो’
दंडवत यात्री नरेश गंगवाल ने कहा, “सनातन धर्म की विश्व में जय जयकार हो, विश्व में सनातन धर्म का झंडा फहराए और गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा मिल जाए. इस संकल्प को लेकर दंडवत यात्रा पर निकले हैं. 12 सालों में 18000 किलोमीटर सफर का लक्ष्य रखा है.” सीने के बल लेटकर घिसट-घिसट कर यात्रा कर रहे नरेश का कहना है कि “लोग औलाद, धन दौलत मांगने के लिए मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए जाते हैं, लेकिन मुझे इसकी अभिलाषा नहीं है. मैं पूरे देशभर के धार्मिक स्थलों पर जाकर सनातन धर्म की रक्षा की मन्नत मांग रहा हूं”
कठिन तपस्या पर निकले दंपति
बुरहानपुर के इच्छापुर गांव के पास जब दंडवत यात्रा पहुंची तो, देखने वालों की भीड़ लग गई. कई लोगों ने धार्मिक दंडवत परिक्रमा करने वाले नरेश गंगवाल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया है. वहीं ग्रामीण किशोर पाटिल ने बताया कि “आमतौर पर श्रद्धालु धार्मिक स्थलों पर मत्था टेकने के बाद शारीरिक, आर्थिक और नौकरी पाने की मन्नत मांगते है, लेकिन यह कपल देश हित और गौमाता को सम्मान दिलाने की मन्नत के साथ कठिन तपस्या कर रहे हैं.”
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