Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...

Vaishno Devi Ropeway Protest: कटरा में भारी बवाल, बाजार बंद और होटलों के बाहर लगे विरोध के पोस्टर

29

 कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर भवन मार्ग पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. बुधवार को इसके खिलाफ एक दिन के सांकेतिक बंद का ऐलान किया गया. इसके चलते बाजार बंद रहें. होटलों के बाहर नो रोपवे के पोस्टर लगाए गए.

दरअसल, इस परियोजना को वर्ष 2024 में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से शुरू किया जाना था. उस समय कटरा के लोगों ने करीब 18 दिनों तक लंबा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की थी, जिसके बाद बोर्ड को फिलहाल परियोजना टालनी पड़ी थी और एक कमेटी का गठन किया गया था. वार्षिक बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि भवन मार्ग पर काम करने वाले घोड़े, पिट्ठू और पालकी सेवा से जुड़े लोगों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्वास कराया जाएगा और उसके बाद ही रोपवे परियोजना आगे बढ़ाई जाएगी.

4.5 लाख लोगों की आजीविका प्रभावित होगी

यात्रा से जुड़े लोगों का कहना है कि रोपवे शुरू होने से करीब 4.5 लाख लोगों की आजीविका प्रभावित होगी. उनका तर्क है कि इस मार्ग पर करीब 4,000 घोड़े वाले, 12,000 पिट्ठू और पालकी सेवा से जुड़े लोग काम करते हैं. इसके अलावा दर्शनी ड्योढ़ी से भवन की ओर करीब 3.5 किलोमीटर के दायरे में लगभग 7,500 दुकानें हैं, जिनमें हर दुकान पर औसतन 5 से 7 लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है. कटरा में 750 से अधिक होटल और 150 से ज्यादा धर्मशालाएं भी इस यात्रा पर निर्भर हैं.

विरोध कर रहे लोगों का यह भी कहना है कि रोपवे लगने से पारंपरिक धार्मिक यात्रा क्रम प्रभावित होगा. श्रद्धालु आमतौर पर दर्शनी ड्योढ़ी, चरण पादुका जैसे पड़ावों से होते हुए भवन और फिर भैरव मंदिर के दर्शन कर यात्रा पूर्ण करते हैं. उनका मानना है कि रोपवे से यह क्रम बाईपास हो जाएगा और यात्रा की पारंपरिक भावना कमजोर पड़ेगी.

श्राइन बोर्ड का क्या पक्ष है?

वहीं, श्राइन बोर्ड का पक्ष है कि हर साल भवन पहुंचने वाले करीब 80 से 90 लाख श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए यह परियोजना जरूरी है, ताकि श्रद्धालु कम समय में दर्शन कर सकें और बुजुर्गों व दिव्यांग यात्रियों को विशेष सहूलियत मिल सके. फिलहाल पूरा विवाद श्राइन बोर्ड और यात्रा से जुड़े स्थानीय हितधारकों के बीच खिंचता नजर आ रहा है. अब नजर इस बात पर है कि एक दिन के सांकेतिक बंद का बोर्ड के रुख पर कितना असर पड़ता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.