Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Traffic Advisory: सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के चलते पवई में रूट डायवर्जन, भारी वाहनों का प्रवेश प... Madhya Pradesh News: प्रदेश के खनिज वाहनों में लगेंगे फास्टैग, कंप्यूटराइज्ड निगरानी से रुकेगी राजस्... Khandwa Medical College: पोस्टमार्टम में देरी पर भड़के परिजन, अस्पताल परिसर में किया भारी हंगामा Nalkheda Temple Security: एसपी दिलीप कुमार सोनी ने किया पुलिस चौकी का शुभारंभ, लंबे समय की मांग हुई ... Chitrakoot News Today: कानपुर से दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर को... Balaghat News Today: 2009 से फर्जी मेडिकल डिग्री पर दे रहा था सेवा, बिरसा में पूर्व बीएमओ के खिलाफ प... Durga Puja Ranchi Update: त्योहारी सीजन में नगर निगम कर्मचारियों के अल्टीमेटम से बढ़ी मुश्किलें, जयप... Surajpur Crime News: जयनगर में मां और 12वीं के छात्र बेटे की संदिग्ध हालत में मिली लाश, इलाके में फै... Kunkuri Elephant Attack Panic: महागिरजाघर और होली क्रॉस अस्पताल परिसर में पहुंचा लोनर हाथी, दहशत में... Bhilai Student Suicide: अस्थि विसर्जन में नहीं ले जाने से नाराज था छात्र, जामुल थाना क्षेत्र में घर ...

उत्तराखंड में डॉक्टरों की रिकॉर्ड तोड़ सैलरी! धामी सरकार ने 7 लाख रुपये प्रति माह तक बढ़ाई तनख्वाह, क्या है इस फैसले के पीछे का कारण?

35

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के पर्वतीय जिलों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. सरकार अब पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों को सात लाख रुपए तक मासिक वेतन देने के लिए तैयार है. यह बदलाव हाल ही में यू कोडवी पे योजना के अंतर्गत वेतन संरचना में किए गए संशोधन के बाद लागू होगा.

राज्य के पहाड़ी इलाकों में लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी महसूस की जा रही है. चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के कारण डॉक्टर इन क्षेत्रों में सेवा देने से हिचकते रहे हैं. इस स्थिति को बदलने के लिए सरकार ने ‘यू कोड-वी पे’ (You Code, We Pay) योजना शुरू की थी, जिसके तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों को उनकी योग्यता और सेवा आवश्यकताओं के अनुसार मनचाहा वेतन प्रदान किया जाता है.

पहले इस योजना के तहत डॉक्टरों को अधिकतम पांच लाख रुपए तक मासिक वेतन दिया जाता था, लेकिन अब सुपर स्पेशलिटी सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए इसे बढ़ाकर सात लाख रुपए कर दिया गया है.

इन क्षेत्रों से लगातार उठ रही मांग

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों को बेहतर अवसर और प्रोत्साहन देकर उन्हें पहाड़ के अस्पतालों में तैनात किया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों जैसे- चौखुटिया, पिलखी, बेलेश्वर, गैरसैंण, धुमाकोट और पिथौरागढ़ से लगातार विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग उठ रही है. स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.

विशेषज्ञ डॉक्टरों की लगेगी ड्यूटी

इस फैसले के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि अधिक संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टर पहाड़ी क्षेत्रों में सेवा देने के लिए आगे आएंगे. इससे न सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि गंभीर बीमारियों के इलाज में होने वाली देरी और मैदानी अस्पतालों पर बढ़ते बोझ में भी कमी आएगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.