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बांधवगढ़ में बैठे-बैठे फिर एक बाघ की मौत, वन विभाग की उड़ी नींद

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उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बार फिर से एक बाघ की मौत हो गई है, जिसने फिर वन विभाग की नींद उड़ा दी. वन विभाग के मुताबिक जिस बाघ की मौत हुई है, वन विभाग की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही थी. निगरानी के दौरान ही 21 नवंबर को दोपहर में उसकी मृत्यु हो गई. बाघ की मौत के बाद उसका पोस्टमॉर्टम कर शव दाह की कार्रवाई आज 22 नवंबर को की जाएगी. वहीं

बैठे-बैठे चली गई टाइगर की जान

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया, ” बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र अंतर्गत कुशमाहा गांव के कृषि राजस्व क्षेत्र में एक बाघ के लेंटाना में बैठे होने की सूचना मिली थी. वन विभाग की टीम दूर से ही उस बाघ की सतत निगरानी कर रही थी. बाघ के वहां बैठने की सूचना 20 नवंबर को सूचना मिली थी और 21 नवंबर को भी बाघ वहीं बैठा रहा. निगरानी के दौरान ही अचानक दोपहर में उस बाघ की मृत्यु हो गई. बाघ की मौत किस वजह से हुई है, अभी मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है.”

2 साल के टाइगर की मौत बनी मिस्ट्री

बांघवगढ़ टाइगर रिजर्व में टाइगर की मौत की खबर मिलते ही वरिष्ठ विभागीय अमला तुरंत घटना स्थल पर पहुंचा. यहां मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई. जांच में पाया गया कि यह एक शावक था जिसकी उम्र लगभग 2 वर्ष थी. बाघ शावक का पंचनामा तैयार कर आसपास से और संभावित सबूत जुटाए गए. वहीं अब वन्य चिकित्सक की उपस्थिति में शव का परीक्षण किया जाएगा, सैंपल कलेक्शन भी नियम के साथ किया जाएगा, जिसे आगे टेस्टिंग के लिए अधिकृत प्रयोगशाला में भेजा जाएगा. कार्रवाई पूर्ण होने के बाद शव का दाह संस्कार किया जाएगा.

डॉग स्क्वाड से मौका मुआयना

वन विभाग के मुताबिक डॉग स्क्वायड से मौके की सर्चिंग भी करवाई गई है, जिससे ये पता चल सके कि बाघ के मौत का कोई और कारण तो नहीं है. बाघ की मौत कैसे हुई है, ये किसी बीमारी या किसी अन्य कारण से हुई है, इसका खुलासा पोस्टमॉर्ट रिपोर्ट आने पर पता चलेगा. फिलहाल 2 साल के टाइगर की अचानक मौत ने वन विभाग को चिंता में डाल दिया है.

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